मध्यप्रदेश

प्रमोशन की राह होगी आसान: एमपी के 22 हजार कर्मचारियों को 45 वर्ष बाद CPCT से मिलेगी छूट

भोपाल

 चतुर्थ से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के आड़े आ रही कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (सीपीसीटी) उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता से कर्मचारियों को छूट देने की तैयारी है। ऐसे कर्मचारी, जिनकी आयु 45 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें छूट दी जाएगी।

इससे कम आयु के कर्मचारियों को सीपीसीटी करने के लिए पांच वर्ष का समय दिया जाएगा। किसी भी पदोन्नत कर्मचारी को पदावनत भी नहीं किया जाएगा। प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों की भी लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति अब हो सकेगी।

Related Articles

सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्टीकरण से अटकी थीं पदोन्नतियां

प्रदेश में लगभग एक लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति नियम-2025 के प्रविधान के अनुसार राज्य सरकार पदोन्नत कर चुकी है। इसमें अब तक चतुर्थ श्रेणी के वे कर्मचारी पदोन्नत नहीं हो पाए हैं, जिन्होंने सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं की है। इसके आधार पर कृषि, उद्योग सहित अन्य विभागों ने पदोन्नति निरस्त कर दीं।

दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मांगे गए मार्गदर्शन के आधार पर स्पष्टीकरण जारी किया कि सीपीसीटी से छूट का कहीं कोई प्रविधान नहीं है। 2010 में पदोन्नत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने के प्रविधान से छूट दी गई थी, इसलिए जिन अधिकारियों ने गलत व्याख्या करके पदोन्नति दी हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके बाद किसी विभाग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी।

एक-दो दिन में जारी होंगे विस्तृत दिशानिर्देश

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीपीसीटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की तो मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को रास्ता निकालने के निर्देश दिए। इस पर अब यह प्रविधान किया जा रहा है कि जिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है, उन्हें पदोन्नति के लिए सीपीसीटी से छूट दी जाए।

वहीं, इसे उत्तीर्ण करने की अवधि दो से बढ़ाकर पांच वर्ष करने के साथ केवल इस आधार पर किसी कर्मचारी को पदावनत नहीं किया जाएगा कि उसने सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सीपीसीटी को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश एक-दो दिन में जारी कर दिए जाएंगे। इससे पदोन्नति में जो समस्या आ रही थी, वह दूर हो जाएगी।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button