छत्तीसगढ़

तीन साल के मासूम से क्रूरता पर बाल आयोग सख्त अस्पताल मिलने पहुंची आयोग की अध्यक्ष

रायपुर
रायपुर के पंडरी क्षेत्र में बच्चों के साथ मारपीट के मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मेकाहारा अस्पताल एवं बाल गृह पहुँचकर बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं देखभाल की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा मामले में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से मामले की सूचना प्राप्त हुई थी। घटना में तीन वर्षीय एवं आठ वर्षीय बालकों के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई। तीन वर्षीय बच्चे को गंभीर चोटें आने पर 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दूसरे बालक को बाल गृह तथा छह वर्षीय बालिका को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया में रखा गया है। मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर बच्चों की माता एवं सौतेले पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आयोग ने भी 15 अक्टूबर को प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की थी। अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल में उपचाररत तीन वर्षीय बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद बाल गृह पहुँचकर दूसरे बालक की सुरक्षा एवं देखभाल की स्थिति का जायजा लिया। वर्तमान में तीन वर्षीय बच्चे का स्वास्थ्य ठीक बताया गया है। दोनों बालकों एवं बालिका की काउंसलिंग की जा रही है, ताकि उन्हें आवश्यक मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के मिल रहे सकारात्मक परिणाम
आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न थानों एवं संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसके माध्यम से बच्चों के साथ हिंसा एवं प्रताड़ना से जुड़े मामलों की सूचना समय पर प्राप्त हो रही है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो पा रही है। आयोग ने चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तत्परता और संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना की।आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके विरुद्ध हिंसा एवं शोषण की घटनाओं पर त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button