
मुंबई
INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के बीच शिवसेना UBT को बड़ा झटका लगा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रवक्ता और हिंदी भाषी चेहरा आनंद दुबे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि वह पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे. उनके इस्तीफे को महाराष्ट्र में MVA गठबंधन के लिए भी झटका माना जा रहा है।
इस्तीफे के बाद आनंद दुबे ने कहा कि देश के मुद्दे पर मतभेद और असहमति हो सकती है, लेकिन राष्ट्र सबसे ऊपर होना चाहिए. उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए बताया कि वह 26 अप्रैल को पार्टी के सहयोगी और विधायी विंग के डिप्टी ऑर्गनाइजर गुलाबचंद मौर्य के साथ वहां गए थे. उन्होंने कहा कि उस समय इलाके में गोलीबारी का माहौल था. इस दौरान उन्होंने फारूक अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और अपनी पार्टी के समर्थन का भरोसा दिलाया।
मैं CJP के साथ काम नहीं कर सकता- आनंद दूबे
शिवसेना UBT को छोड़ने के बाद आनंद दुबे ने कहा- "चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर शिवसेना यूबीटी की भूमिका से मैं सहमत नहीं था। मैं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ काम नहीं कर सकता।" शिवसेना यूबीटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने आज मुंबई में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने भारी मन से यह फैसला लिया है। पिछले कई महीनों से वह अंदर ही अंदर परेशान थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस आनंद दुबे करेंगे इस्तीफे का ऐलान!
बताया जा रहा है कि आनंद दुबे मुंबई में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस दौरान वो शिवसेना UBT की सदस्यता और पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफे का ऐलान करेंगे. ऐसे में सभी की नजर उनके फैसले पर टिकी है।
CJP के आंदोलन को शिवसेना (UBT) का समर्थन
दरअसल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन किया था. इस आंदोलन का शिवसेना (UBT) ने भी समर्थन किया है. रविवार को पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अमित ठाकरे सैकड़ों समर्थकों के साथ आंदोलन में पहुंचे थे. इस दौरान इस दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि अब यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पार्टी के प्रवक्ता भी हैं आनंद दुबे
आनंद दुबे शिवसेना यूबीटी के सबसे चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं. वो पार्टी के प्रवक्ता भी हैं और लगातार टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते थे. वो उद्धव ठाकरे के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं. वहीं अब अचानक उनके पार्टी छोड़ने की खबर से पार्टी में हलचल मच गई है. फिलहाल पार्टी की तरफ से इसको लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है और न ही आनंद दुबे ने कुछ कहा है।
'जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, उसमें सफर नहीं'
शिवसेना यूबीटी से इस्तीफा देने के बाद आनंद दुबे ने कहा- "शरजील इमाम, उमर खालिद और ध्रुव राठी उनके आदर्श नहीं हैं। मेरे आदर्श स्मित मच्छार हैं। मेरे आदर्श शिवाजी महाराज और वीर सावरकर है।" अपने आगे के सफर को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि "जिस ट्रेन में कॉकरोच हो मैं उस ट्रेन में सफर नहीं करूंगा। जब उचित प्लेटफार्म मिलेगा उस पार्टी को जॉइन करूंगा।"
आनंद दुबे ने कहा कि ऐसे संकट के समय वरिष्ठ सांसदों और विधायकों को भी वहां जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वह भले ही कोई बड़े नेता न हों और नगर निगम के पार्षद भी न हों, लेकिन बालासाहेब ठाकरे से प्रेरित होकर उनके अंदर एक शिवसैनिक की भावना है. उन्होंने कहा कि देश के सामने खड़ा संकट सबसे बड़ी चिंता है. पार्टी और वह खुद बाद में आते हैं, लेकिन देश सबसे पहले है. आनंद दुबे ने कहा, 'मेरा राष्ट्र पहले, मेरा भारत पहले। '






