बिहार

गर्मी के साथ बिहार में गहराया जल संकट, 21 जिलों में तेजी से गिरा भूजल स्तर

 जयपुर
बिहार में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. लेकिन इसके बाद गिरावट हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बिहार के अधिकांश इलाकों में रविवार तक गर्मी अधिक महसूस होगी और रात का तापमान बढ़ा रहेगा. दिन में तेज धूप के साथ हल्की धूल भरी हवा भी कहीं-कहीं चलने की संभावना है.

6 अप्रैल को मौसम लेगा यू-टर्न
मौसम विभाग की माने तो, 6 अप्रैल से मौसम यू-टर्न लेगा और तेज आंधी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अप्रैल को बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

इसके अलावा पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, पटना, बेगूसराय, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, गया और नवादा जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में तेज बारिश, ठनका गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई गई है. 6 अप्रैल के बाद तीन से चार दिनों तक बिहार में मौसम का मिजाज इसी तरह का बना हुआ रहेगा.

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पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?
बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस डेहरी (रोहतास), शेखपुरा और कैमूर (भभुआ) में दर्ज किया गया. राज्य का अधिकतम तापमान 30.3 से 38.4 डिग्री के बीच रहा.

पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश जगहों पर अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सुखेत (मधुबनी) में दर्ज किया गया. राज्य का न्यूनतम तापमान 18.4 से 26.6 डिग्री के बीच रहा. साथ ही पिछले 24 घंटों में बिहार के अनेक जगहों के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया.

अप्रैल में ही गिर रहा भूजल स्तर
बिहार में अचानक से बढ़ी गर्मी के कारण लगभग 21 जिलों के भूजल नीचे जाने लगा है. अप्रैल महीने की शुरूआत में ही राज्य में 126 ऐसी पंचायतें हैं, जहां दो से पांच फुट तक गिरावट दर्ज की गई है. पीएचईडी से मिली जानकारी के मुताबिक पटना, बिहारशरीफ, गया, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, भभुआ, जमुई, भागलपुर पूर्व और पश्चिम, बांका, सीतामढ़ी, दरभंगा, भोजपुर, गोपालगंज, मधुबनी, सहरसा, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, खगड़िया, समस्तीपुर में भूजल में गिरावट मार्च से ही शुरू हो गई है. विभाग ने इन जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. साथ ही 11 अप्रैल को पटना में भूजल को स्थिर रखने और भूजल में हो रही गिरावट को लेकर बैठक बुलाई गई है.

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