खेल

बिलियर्ड्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले दिग्गज खिलाड़ी मनोज कोठारी का निधन

नई दिल्ली
पूर्व वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियन मनोज कोठारी का सोमवार को तिरुनेलवेली के तिरुनेलवेली स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। मनोज 67 साल के थे। मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले मनोज कोठारी इलाज के लिए तिरुनेलवेली आए थे, जहां एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। 10 दिन पहले मनोज कोठारी का लिवर प्रत्यारोपरण हुआ था। यह सर्जरी सफल रही थी, जिसके बाद तीसरे दिन वह स्वस्थ नजर आ रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्हें फेफड़ों में संक्रमण हो गया। सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
अस्पताल में मनोज कोठारी के बेटे सौरभ कोठारी ने पिता के पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज लपेटकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद तिरुनेलवेली के वीएम चत्रम स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। साल 1990 में वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतने वाले मनोज कोठारी को 2005 में प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद पुरस्कार मिला था। वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के हेड कोच भी रहे।
भारतीय क्यू स्पोर्ट्स के विकास में मनोज कोठारी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया। कोठारी अपनी सटीक तकनीक, धैर्य और रणनीतिक खेल के लिए पहचाने गिए। लंबे समय तक भारतीय बिलियर्ड्स में शीर्ष स्तर पर बने रहना उनकी निरंतरता और मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने न सिर्फ खिताब जीते, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी बने।
मनोज कोठारी के बेटे सौरभ कोठारी ने भी पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस खेल को चुना और वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती। सौरव को उनके पिता ने ही प्रशिक्षित किया था। सौरव कोठारी ने अप्रैल 2025 में पंकज आडवाणी को शिकस्त देकर आईबीएसएफ वर्ल्ड बिलियर्ड्स 2025 का खिताब अपने नाम किया था। 40 वर्षीय सौरव ने 725 अंक हासिल किए थे, जबकि आडवामी 480 अंक ही हासिल कर सके।

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