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गृह मंत्रालय के मॉक ड्रिल के निर्देश को लेकर यूपी के डीजीपी का बयान सामने आया, किए जाएंगे ये अभ्यास

लखनऊ
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिक सुरक्षा के लिए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई को मॉक ड्रिल कराने को कहा है, जिससे कि किसी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। गृह मंत्रालय के मॉक ड्रिल के निर्देश को लेकर यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार का बयान सामने आया है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर 7 मई को देश के कई राज्यों में होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर यूपी में तैयारियां तेज हो गई हैं. इस संबंध में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. डीजीपी ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से कहा है कि मॉक ड्रिल के दौरान आम नागरिकों के साथ समुचित समन्वय स्थापित किया जाए.

यूपी डीजीपी ने दिया दिशा-निर्देश
दरअसल, भारत-पाकिस्तान के रिश्तों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में करीबन 244 राज्यों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने भी राज्य के जिलों को आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर किसी भी स्थिति से निपटने और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए मॉक ड्रिल करने के निर्देश जारी किए हैं.

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7 मई को आयोजित की जाएगी मॉक ड्रिल
गृह मंत्रालय ने हाल ही में जारी निर्देशों में स्पष्ट किया है कि 7 मई को नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाए. इसका उद्देश्य आम जनता को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना और उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों की जानकारी देना है.

मॉक ड्रिल के दौरान किए जाएंगे ये अभ्यास
    हवाई हमले की चेतावनी देने के लिए सायरन बजाए जाएंगे, जिससे लोग सतर्क हो सकें.
    नागरिकों और छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा कि हमले की स्थिति में स्वयं को कैसे सुरक्षित रखा जाए.
    दुश्मन के संभावित हमले की स्थिति में ब्लैकआउट किया जाएगा, यानी सभी रोशनी बंद कर दी जाएगी.
    महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और संयंत्रों को छिपाने के उपायों को व्यवहार में लाया जाएगा.
    किसी हमले के दौरान तेज़ी से क्षेत्र खाली करने (इवैकुएशन) की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा.

54 साल पहले हुआ था देश में मॉक ड्रिल
इससे पहले इस प्रकार की मॉक ड्रिल का आयोजन 54 साल पहले भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वर्ष 1971 में किया गया था. उस समय देश युद्धकालीन परिस्थितियों से जूझ रहा था और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई थी.

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