
मुंबई
रेप कांड में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात के मामले की जांच जारी है। अब जांच में पता चला है कि खरात महिलाओं का शोषण करने से पहले कुछ तरल पदार्थ देता था। फिलहाल, अधिकारी इस तरल समेत कई सबूतों की जांच कर रहे हैं। महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने खरात की पुलिस हिरासत को 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
खट्टा पदार्थ पीने देता था
सुनवाई के दौरान, लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की संपत्तियों की जांच अभी बाकी है। बागडे ने कहा कि कई महिलाएं अब भी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रही हैं और उस तथाकथित 'पानी या तरल पदार्थ' की जांच अभी बाकी है, जिसे खरात यौन शोषण से पहले पीड़ितों को बहलाने-फुसलाने के लिए देते था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये खारा और कड़वा पानी होता था, जिसे पीकर महिला को चक्कर आने लगते थे।
फोन डेटा की भी हो रही है जांच
उन्होंने कहा कि आरोपी के मोबाइल फोन डेटा की जांच की जा चुकी है और 'क्लोन रिपोर्ट' प्राप्त हो गई है। अभियोजक ने अदालत को बताया कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्या खरात ने अपने संपर्कों- विशेष रूप से राजनीतिक नेताओं- के नाम फर्जी पहचान के साथ फोन में सेव किए थे। कई डिजिटल सबूतों की अभी जांच की जानी है।
बार-बार रेप के आरोप
खरात को 18 मार्च को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब एक महिला ने उनपर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया। खरात नासिक जिले के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है और वर्षों से उनसे महाराष्ट्र के कई प्रमुख राजनेता मिलते रहे हैं। शहर के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में अब तक उनके खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से आठ कथित यौन उत्पीड़न या शोषण और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
100 से ज्यादा महिलाओं ने की शिकायत
पुलिस ने शनिवार को बताया था कि खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को पिछले कुछ दिनों में फोन पर 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें से अधिकतर महिलाओं की हैं। खरात को पिछली पुलिस हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद रविवार को अदालत में पेश किया गया।






