बाज़ार

सेंसेक्स में 1009 अंकों की गिरावट, युद्ध और कमजोर रुपया प्रमुख कारण—गिरावट की 5 वजहें

मुंबई 

 शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक शुरुआती कारोबार के दौरान लुढ़क गए। सेंसेक्स 1009 अंक की गिरावट के बाद 74624.78 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 23,000.85 स्तर तक लुढ़क गया था। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये आज डूब गए हैं। इस गिरावट की वजह एशिआई बाजारों की कमजोर स्थिति, रुपया का नए रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने को माना जा रहा है। आइए जानते हैं 5 बड़ी वजहें —

1-मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष
ईरान के साथ जारी सत्ता संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से अनिश्चितता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर अटैक ना करने की बात कही है।

एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं तब की स्थिति में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकती है। इसका बुरा असर शेयर बाजारों पर दिख सकता है।

2-वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति
एशिया के कई धाकड़ शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को को मिली है। कोरिया Kospi और जापान Nikkei में आज 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 और Nasdaq में भी दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

3- रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर है
युद्ध शुरू होने के बाद से ही रुपया की स्थिति ठीक नहीं है। आज रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। 1 डॉलर की कीमत 94.1575 के स्तर पर आ गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड लो लेवल 93.98 था। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से रुपया 3.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है।

4- कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल ने बढ़ाई टेंशन
सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। आज ब्रेंट क्रू़ड ऑयल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

5- FPI की निकासी
घरेलू शेयर बाजारों से एफपीआई की निकासी जारी है। एफपीआई ने 123688 रुपये की निकासी की है। यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

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