
विकास के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश की बढ़त, कई योजनाओं में बना देश में नंबर वन
आवास, पेंशन व स्वच्छता में रिकॉर्ड प्रदर्शन से सामाजिक योजनाओं को नई गति
कृषि, उद्योग व निवेश में अग्रणी भूमिका से बनी मजबूत अर्थव्यवस्था की तस्वीर
इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी व ऊर्जा सुधारों से बदला प्रदेश का विकास परिदृश्य
डिजिटल गवर्नेंस व ई-प्लेटफॉर्म के उपयोग में उत्तर प्रदेश की नेशनल लीडरशिप
लखनऊ
उत्तर प्रदेश ने केंद्र व राज्य की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दम पर विकास के हर मोर्चे पर देश में मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं में पहला स्थान हासिल कर रहा है। इससे शासन-प्रशासन की परिणाम आधारित कार्यशैली स्पष्ट रूप से सामने आई है। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने योजनाओं को कागज से जमीन तक पहुंचाने का कार्य किया है। यही कारण है कि आवास, कृषि, उद्योग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, डिजिटल गवर्नेंस व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सुदृढ़ उपस्थिति दर्ज करा रहा है। कारोबारी सहूलियत (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के मामले में प्रदेश टॉप अचीवर्स स्टेट है।
‘प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी’ के अंतर्गत आवास निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। पिछले पौने नौ वर्षों में लगभग 62 लाख परिवारों को पक्के घर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे गरीब व मध्यम वर्ग के जीवन स्तर में ठोस सुधार हुआ है। ‘अटल पेंशन योजना’ के अंतर्गत पंजीकरण के मामले में भी उत्तर प्रदेश ने देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सूक्ष्म, लघु व मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को मजबूती दी है। देश में सर्वाधिक, 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों की स्थापना उत्तर प्रदेश में हो चुकी है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। सरकार का फोकस स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर रहा है।
कृषि क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश लगातार अपनी अग्रणी भूमिका बनाए हुए है। गन्ना, चीनी, खाद्यान, आम, दूध व आलू के उत्पादन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। किसानों को कृषि निवेश पर मिलने वाली अनुदान राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई। इस व्यवस्था को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में 7 एक्सप्रेस-वे और 04 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे क्रियाशील हैं। एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) निर्माणाधीन है। सड़क एवं हवाई संपर्क के विस्तार से निवेश व पर्यटन को नई गति मिली है। स्वच्छता व ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नए मानक स्थापित किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण में प्रदेश का देश में पहला स्थान रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरण में भी उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। इससे गरीब परिवारों की रसोई में बड़ा बदलाव आया है।
डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व किया है। ई-मार्केटप्लेस जेम के माध्यम से देश में सर्वाधिक सरकारी खरीद करने वाला राज्य भी उत्तर प्रदेश है। एनपीएस ट्रेडर्स के अंतर्गत कामगारों के पंजीकरण में भी प्रदेश अग्रणी रहा है। इससे सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता व कार्य की गति बढ़ी है। शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की कार्ययोजना विकसित करने में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। कौशल विकास नीति को लागू करने में प्रदेश नंबर वन है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार करना है। एथेनॉल उत्पादन एवं आपूर्ति मामले में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले पायदान पर खड़ा है।






