बिहार

श्रद्धा के नाम पर खिलवाड़, मंदिर में मची भगदड़ के बाद प्रशासन सख्त, 20 नामजद आरोपियों पर एफआईआर

नांलदा
बिहारशरीफ के मघड़ा मेला हादसे में पुलिस ने चार पुजारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मेले में श्रद्धा के नाम पर घिनौना खेल उजागर हुआ है। रुपये लेकर पूजा करवाने और महिलाओं पर डंडे चलाने का आरोप पुजारियों पर लगा है। दीपनगर थाने की दारोगा मौसमी कुमारी के बयान पर इस बाबत एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें 20 नामजद व कई अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। नामजदों में 18 पंडा समाज के लोग और उनके दो सहयोगी शामिल हैं।

बुधवार को एसपी भारत सोनी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपितों में अनुज कुमार, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडेय व निरंजन कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एसपी ने बताया कि पूजा करने जाने के क्रम में नूरसराय के एक गांव की 17 वर्षीया किशोरी के गायब होने का मामला प्रकाश में आया है।

हालांकि, किशोरी के भाई ने दीपनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया है कि गांव का एक किशोर बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले गया है। मामले की जांच चल रही है। गौर हो कि मंगलवार को सुबह करीब सवा नौ बजे शीतला माता मंदिर में मची भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि आठ घायल हो गए थे। घायलों में तीन का इलाज पटना में चल रहा है।

गेट पर बांध दिया था बांस
प्राथमिकी के अनुसार, दारोगा मौसमी कुमारी को थानाध्यक्ष राजमणि ने 10 बजकर पांच मिनट पर जल्द मंदिर पहुंचने का आदेश दिया। मंदिर के पास मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ पंडा रुपये लेकर पूजा करा रहे थे। गेट पर बांस बांध दिया था। बांस को उठाकर गर्भगृह में घुसने के क्रम में सीढ़ी पर बेहोश होकर महिलाएं गिर गयीं। अफरा-तफरी के बीच लोग उन महिलाओं के ऊपर से गुजरने लगे। इससे उनकी मौत हो गयी।

हादसे के बाद जागा प्रशासन
मघड़ा शीतला माता मंदिर में मंगलवार को हुए बड़े हादसे के बाद पुलिस व जिला प्रशासन पूरी तरह जाग गया है। घटना से हुई क्षति, चूक व वसूली की छूट से सबक लेते हुए डीएम कुंदन कुमार व एसपी भारत सोनी ने कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिलेभर के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों संग मैराथन बैठक की। इसमें आगामी पर्व-त्योहार, प्रतियोगिता परीक्षा, स्थानीय मेला, हाट आदि में लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने से संबंधित विस्तृत गाइडलाइन बनायी। साथ ही, डीएम ने आपदा प्रबंधन एडीएम को कर्मियों और अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का आदेश दिया।

धार्मिक संस्थानों व अन्य कार्यक्रम स्थलों पर हर हाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने का फरमान जारी किया गया। सीसीटीवी कैमरे कियाशील हैं या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार के कार्यक्रम की सूचना अग्निशमन, स्वास्थ्य, बिजली, पीएचईडी व जिला आपदा विभाग के अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा।

जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता डीएम
डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी तरह के आयोजन में जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही व शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। स्नान-दान, चैती पूर्णिमा, हनुमान जयंती, गुड फ्राइडे व आने आने वाले अन्य पर्व-त्योहारों में भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्रित कर समुचित तैयारी की जाएगी। बिना अनुमति व अनुज्ञप्ति के किसी भी तरह के कार्यक्रम के आयोजन पर समिति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।

बीडीओ की जिम्मेवारी तय
डीएम ने एसडीओ व बीडीओ को आदेश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों के ‘इवेंट कैलेंडर’ तैयार कर संभावित भीड़ के पूर्वानुमान के आधार पर सभी तरह का पुख्ता प्रबंध करें। कार्यक्रमों के आयोजन से पहले समिति के सदस्यों को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक करना अनिवार्य होगा।

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