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पाकिस्तान में किराए पर उपलब्ध है प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास, शादी-समारोह और अन्य आयोजनों पर देने का हुआ फैलसा, कैबिनेट ने लगाई मुहर

इस्लामाबाद, एजेंसियां: लाखों करोड़ के कर्ज तले दबा पाकिस्तान दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चुका है। देश की रही बची अर्थव्यवस्था की कमर कोविड-19 महामारी ने तोड़कर रख दी है। कंगाली कि कगार पर खड़े पड़ोसी देश ने अब प्रधान मंत्री के आधिकारिक आवास को ही किराए पर चढ़ाने का मन बनाया है।

यूनिवर्सिटी बनाने की योजना टली

देश की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अगस्त 2019 में पीएम हाउस को यूनिवर्सिटी में बदलने की घोषणा की थी। जिसके बाद प्रधानमंत्री इमरान खान घर को खाली कर अपने निज आवास में रहने चले गए थे, लेकिन अब विश्वविद्यालय बनाने की योजना को छोड़कर, उसे किराए पर देने का फैसला किया गया है। खबरों के मुताबिक, कैबिनेट ने फैसला किया है कि, पीएम हाउस को सांस्कृतिक, फैशन, शैक्षिक और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए किराए पर दिया जाएगा, यह परिसर इस्लामाबाद के रेड जोन में स्थित है।

समितियों की निगरानी में होंगे आयोजन

सामा टीवी के मुताबिक, सरकार के इस फैसले का क्रियान्वयन करने के लिए दो समितियों का गठन किया गया है। वो यह सुनिश्चित करेंगी कि, आयोजनों के दौरान पीएम हाउस के अनुशासन और मर्यादा का पूरा ख्याल रखा जाए। वहीं, स्थानीय मीडिया के अनुसार, मंत्रिमंडल बैठक का आयोजन कर पीएम हाउस भवन से राजस्व जुटाने के अन्य तरीकों पर भी चर्चा करेगा। जानकारी के मुताबिक, आवास का सभागार, दो अतिथि विंग और एक लॉन को किराए पर देकर धन जुटाने की योजना है। साथ ही उच्च स्तरीय राजनयिक कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों के आयोजन के लिए भी परिसर इस्तेमाल के लिए किराए पर दिया जा सकता है।

19 अरब डॉलर तक सिकुड़ी अर्थव्यवस्था

गौरतलब है कि, इमरान खान ने देश के प्रधान मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद ही घोषणा की थी, कि पाकिस्तान सरकार के पास जन कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करने के लिए धन नहीं है। जबकि देश में कुछ लोग राज-महाराजाओं के तरह रह रहे हैं, तब से ही इमरान खान अपने बानी गाला आवास पर रह रहे हैं और सिर्फ पीएम कार्यालय का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके सत्ता में आने के बाद से पिछले तीन सालों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 19 अरब डॉलर तक सिकुड़ गई है। जब वो पीएम बने थे तो, उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई सरकारी खर्चों में कटौती करते हुए सख्त कदम उठाए थे।

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खबरभूमि एक प्रादेशिक न्यूज़ पोर्टल हैं, जहां आपको मिलती हैं राजनैतिक, मनोरंजन, खेल -जगत, व्यापार , अंर्राष्ट्रीय, छत्तीसगढ़ , मध्याप्रदेश एवं अन्य राज्यो की विश्वशनीय एवं सबसे प्रथम खबर ।

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