Top Newsविदेश

निम्‍न आय वर्ग वाले देशों में महज दो फीसद ही हुआ है वैक्‍सीनेशन, रफ्तार को लेकर चिंतित WHO

जिनेवा (संयुक्‍त राष्‍ट्र)। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया के कुछ देशों में तेजी से होते टीकाकरण और कुछ देशों में न के बराबर हुए वैक्‍सीनेशन पर चिंता जाह‍िर की है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन का कहना है कि इन दोनों के बीच का अंतर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। संगठन इस बात से चिंतित है कि निम्‍न आय वर्ग वाले देशों में अब तक महज दो फीसद लोगों को ही वैक्‍सीनेट किया जा सका है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका समेत कई दूसरे देश अपनी 50 फीसद से अधिक आबादी को टीका लगवा चुके हैं। इतना ही नहीं ये देश वैक्‍सीन की तीसरी अतिरिक्‍त खुराक बूस्‍टर डोज को भी लगाने का मन बना चुके हैं। इसको लेकर संगठन के महानिदेशक ने एक ट्वीट भी किया है। 

संगठन के महानिदेशक  टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस पहले ही ऐसे देशों से बूस्‍टर डोज न लगाने की अपील कर चुके हैं। उनका कहना है कि हम इनका उपयोग उन देशों में कर सकते हैं जहां पर अब तक वैक्‍सीन की खुराक न के ही बराबर पहुंची है। आपको बात दें कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक अब भी ऐसे कई देश हैं जहां के स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को भी पूरी तरह से वैक्‍सीनेट नहीं किया जा सका है। अब तक जिन देशों में वैक्‍सीन की पहुंंच नहीं हो सकी है उनमें से अधिकतर अफ्रीका के हैं।   

इन देशों में वैक्‍सीन की कम रफ्तार को देखते हुए पिछले दिनों अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व व्यापार संगठन के प्रमुखों ने अफ्रीकन वैक्‍सीन एक्‍वेजिशन ट्रस्‍ट (AVAT) और अफ्रीकन सीडीसी के प्रमुखों से मुलाकात की थी। इसमें वैक्‍सीन के वितरण के लिए बनाए गए गावी संगठन और यूनीसेफ प्रमुख भी शामिल हुए थे। इस बैठक का मकसद अफ्रीकी देशों में वैक्‍सीन की आमद को तेज करना और कम समय में यहां के अधिक से अधिक लोगों को वैक्‍सीनेट करने का रोड मैप तैयार करना शामिल था। 

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्‍न एजेंसियों के प्रमुखों ने एक सुर में वैक्‍सीन को लेकर बनी खाई को बेहद चिंताजनक बताया है। एक संयुक्‍त बयान में AVAT, कोवैक्स द्वारा किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्य की सराहना भी की गई है। इसमें ये भी कहा गया है कि वैक्‍सीन के समान वितरण के लिए इन्‍हें और सक्षम बनाने की जरूरत है। साथ ही बयान में अफ्रीकी देशों के लिए तत्काल सहयोग की जरूरत पर बल दिया है जिससे यहां के लोगों का जीवन भी बचाया जा सके। 

आपको यहां पर ये भी बता दें कि संयुक्त राष्ट्र इस वर्ष सितंबर तक तक सभी देशों में कम से कम 10 फीसद और मौजूदा वर्ष के अंत तक करीब  2021 के अन्त तक हर देश की करीब 40 फीसद आबादी को वैक्‍सीनेट करने का लक्ष्‍य रखा है। इस लक्ष्‍य की पूर्ती के लिए कई समझौते भी किए गए हैं। 

Related Articles
Show More

khabarbhoomi

खबरभूमि एक प्रादेशिक न्यूज़ पोर्टल हैं, जहां आपको मिलती हैं राजनैतिक, मनोरंजन, खेल -जगत, व्यापार , अंर्राष्ट्रीय, छत्तीसगढ़ , मध्याप्रदेश एवं अन्य राज्यो की विश्वशनीय एवं सबसे प्रथम खबर ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button