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Manish Kaushik Profile: क्या पदक दिलाएगी मनीष की मुक्केबाजी?

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Tokyo Olympics 2020: महज 25 साल की उम्र में सूबेदार मनीष कौशिक ने काफी कुछ हासिल कर लिया है। यही वजह है कि ये खिलाड़ी कुछ ही दिनों में ओलंपिक के मंच पर भी नजर आएगा। महज 13-14 साल की उम्र में मनीष कौशिक ने लक्ष्य तय कर लिया था कि उनको बॉक्सिंग की दुनिया में जाना है, क्योंकि 2008 के ओलंपिक खेलों में उन्होंने जितेंदर कुमार को खेलते हुए देखा था।

लाइटवेट वर्ग में मनीष कौशिक ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करने वाले हैं। मनीष कौशिक भारतीय सेना में जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर (JCO) के पद पर तैनात हैं। पहली बार मनीष कौशिक के हाथ ओलंपिक की स्टेज पर चलने वाले हैं। ऐसे में मनीष कौशिक चाहेंगे कि उनका हर एक पंच पदक की आवाज की तरह गूंजे और वे आगे बढ़ते हुए ओलंपिक में देश को पदक दिलाने का काम करें। कई पदक वे देश को अब तक अन्य प्रतिस्पर्धाओं में जिता चुके हैं।

मनीष कौशिक ने पहली बार 2015 में AIBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और पहली बार में ही गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। दो साल के बाद मनीष ने नेशनल बॉक्सिंग गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया था। वे शिव थापा को हराकर नेशनल चैंपियन बने थे। इसके बाद 2018 में मनीष कौशिक ने कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वे फाइनल मैच में हार गए। इस तरह उनको रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।

11 जनवरी 1996 को हरियाणा राज्य के भिवानी जिले के देवसर गांव में जन्मे मनीष कौशिक लाइटवेट डिविजन में टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले हैं। मनीष कौशिक को खुद से जितनी उम्मीद है, उससे कहीं ज्यादा उम्मीद देशवासियों को है कि ये खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पलटवार कर पदक जीत सकता है। बॉक्सिंग में भारत से कई खिलाड़ी ओलंपिक खेलने वाले हैं, लेकिन पदक के दावेदार बहुत कम हैं।

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