
अक्सर हम अपने काम में कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन, फिर भी ऑफिस या घर पर काम करते समय वह मानसिक शांति और तरक्की महसूस नहीं होती जिसकी हम उम्मीद करते हैं। क्या आपने कभी अपनी वर्क टेबल यानी काम करने की मेज पर ध्यान दिया है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपकी टेबल पर रखी हर छोटी-बड़ी चीज आपकी कार्यक्षमता और करियर की ग्रोथ पर काफी हद तक असर डालती हैं।
लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक्स की सही जगह
आज के समय में लैपटॉप हमारी वर्क टेबल का सबसे अहम हिस्सा है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, लैपटॉप, कंप्यूटर या कोई भी बिजली से चलने वाला गैजेट हमेशा टेबल के दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में होना चाहिए। इसे आग्नेय कोण कहा जाता है, जो अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। सही दिशा में रखा लैपटॉप न केवल लंबे समय तक चलता है, बल्कि आपके विचारों में स्पष्टता भी लाता है।
मेज पर पौधों का जादू
डेस्क पर हरियाली न केवल आंखों को सुकून देती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है। वास्तु के अनुसार, टेबल के उत्तर या पूर्व (North or East) दिशा में छोटा 'मनी प्लांट' या 'बैम्बू प्लांट' रखना बेहद शुभ माना जाता है। ध्यान रहे कि टेबल पर कभी भी कैक्टस या कांटेदार पौधे न रखें, क्योंकि ये आपसी संबंधों में कड़वाहट और काम में बाधाएं पैदा करते हैं।
चीजों का बिखराव और ग्रोथ
क्या आपकी टेबल फाइलों और कागजों से भरी रहती है? वास्तु के अनुसार, अव्यवस्थित मेज मानसिक भ्रम पैदा करती है। मेज का बीच का हिस्सा हमेशा खाली और साफ होना चाहिए, जिसे 'ब्रह्म स्थान' कहा जाता है। काम खत्म करने के बाद अपनी टेबल को साफ करना आने वाले कल की सफलता की नींव रखता है।
पानी और रोशनी का संतुलन
पानी की बोतल हमेशा टेबल के उत्तर या उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में रखें। यह दिशा जल तत्व की है और यहां पानी रखने से एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही, आपकी टेबल पर सही मात्रा में रोशनी होनी चाहिए। अगर आप टेबल लैंप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे दक्षिण-पूर्व कोने में रखना ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है।






