
लखनऊ.
प्रदेश के शहरी इलाकों में सड़कों, खाली पड़े स्थानों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बुनियादी तथा अन्य जन सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और इससे जुड़ी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली-2014 (यथा संशोधित 2021) में बदलाव के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इस फैसले से शहरी विकास के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगे। संशोधित विकास शुल्क प्रणाली से विकास प्राधिकरणों को अपनी विकास परियोजनाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए स्थायी वित्तीय संसाधन मिलते रहेंगे। इससे शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण और विस्तार को गति मिलेगी।
इस फैसले से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही निर्माण व विकास गतिविधियों में तेजी आने से रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह निर्णय शहरों को बेहतर, व्यवस्थित और रहने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






