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भारत-पाकिस्तान तनाव, प्रदेश हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार : सीएम साय

रायपुर

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को गाइडलाइंस जारी करने और जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी पॉवर इस्तेमाल करने का आदेश दिया है. इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र के निर्देश के अनुसार ही दुर्ग में मॉकड्रिल हुआ. आगे भई केंद्र सरकार से कुछ भी निर्देश मिलेंगे, उसका हम पालन करेंगे. प्रदेश हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

बता दें, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और POJK स्थित कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इसके बाद से पाकिस्तान लगातार भारत के जम्मू, पंजाब, गुजरात और राजस्थान में ड्रोन और मिसाइलों से रिहायसी इलाकों समेत सैन्य इलाकों में हमला कर रहा है. बीती रात भी पाकिस्तान ने कई जगहों पर बमबारी की जिसमें जम्मू के एक प्रशासनिक अधिकारी और 3 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा लगातार सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों की जमाहट बढ़ती नजर आ रही है. ऐसे स्थिति में भारतीय सेना भी पाकिस्तानी हमलों को करारा जवाब दे रहा है.

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भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए शुक्रवार को भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नागरिक सुरक्षा नियम, 1968 (Civil Defence Rules) के तहत इमरजेंसी पॉवर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं.

जानिए इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है:

    नागरिक सुरक्षा नियम, 1968 की धारा 11 के तहत राज्यों को विशेष अधिकार प्राप्त हैं.
    ये अधिकार युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा, संपत्ति की रक्षा और महत्वपूर्ण सेवाओं को बनाए रखने के लिए होते हैं.
    नागरिक सुरक्षा का अर्थ है – भारत में लोगों, संपत्तियों और स्थानों को शत्रुतापूर्ण हमलों या आपदाओं से बचाने के लिए उठाए गए कदम. प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा.
    ये उपाय युद्ध के दौरान नहीं, बल्कि हमले या आपदा के पहले, दौरान या बाद में भी लागू किए जा सकते हैं.
    धारा 16A के अनुसार, केंद्र सरकार के आदेश राज्य सरकार के विरोधाभासी आदेशों पर प्रभावी होते हैं.
    राज्य सरकारों को अधिकार है कि वे नागरिकों और संपत्तियों की रक्षा तथा जरूरी सेवाओं को जारी रखने के लिए त्वरित कार्रवाई करें.
    इस दौरान नगर निगम खर्च वहन करता है.

नियम 1968 के तहत राज्य/केंद्र सरकारें निम्नलिखित कार्यों पर नियंत्रण रख सकती हैं:

    रोशनी पर नियंत्रण (ब्लैकआउट)
    छलावरण (कैमोफ्लाज)
    लोगों की सुरक्षित निकासी
    निकाले गए लोगों के लिए आवास की व्यवस्था
    सैनिकों के लिए ठहरने की व्यवस्था (बिलेटिंग)
    जल आपूर्ति को बनाए रखना.

  

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