
पटना.
अब तक सादगी भरी जीवनशैली और सीमित सुविधाओं वाली गाड़ियों के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही रेंज रोवर जैसी लग्जरी और हाई-एंड एसयूवी में सफर करेंगे। यह बदलाव स्टाइल या शौक नहीं, बल्कि सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप लिया गया प्रशासनिक फैसला बताया जा रहा है। बिहार सरकार मुख्यमंत्री के काफिले के लिए चार नई रेंज रोवर गाड़ियां शामिल करने की तैयारी में है।
2.5 करोड़ की रेंज रोवर क्यों बनी पसंद
सूत्रों के मुताबिक, एक रेंज रोवर की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से अधिक होगी। रेंज रोवर को दुनिया की सबसे सुरक्षित VVIP गाड़ियों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेता इसी श्रेणी की हाई-सिक्योरिटी गाड़ियों का उपयोग करते हैं। इसी मानक पर मुख्यमंत्री के लिए भी इसका चयन किया गया है।
सुरक्षा का अभेद्य कवच
रेंज रोवर की सबसे बड़ी खासियत इसकी बुलेट प्रूफ बॉडी और मजबूत संरचना है। इसमें मल्टी-लेयर आर्मर, बुलेट रेजिस्टेंट ग्लास और धमाके से बचाव की तकनीक होती है। आपात स्थिति में सुरक्षित एस्केप के लिए एडवांस सेफ्टी सिस्टम और हाई-ग्रेड सस्पेंशन दिया जाता है, जिससे किसी भी परिस्थिति में वाहन संतुलन बनाए रखे।
एडवांस सेफ्टी और टेक्नोलॉजी
इस हाईटेक एसयूवी में एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम, सैटेलाइट फोन सपोर्ट, नाइट विजन, 360-डिग्री कैमरा और एडास (ADAS) जैसे फीचर्स शामिल होते हैं। इसके साथ ही रन-फ्लैट टायर, ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसी तकनीकें इसे VVIP मूवमेंट के लिए बेहद भरोसेमंद बनाती हैं।
कंफर्ट का भी रखा गया पूरा ध्यान
सुरक्षा के साथ-साथ रेंज रोवर कंफर्ट के मामले में भी बेजोड़ मानी जाती है। इसमें लग्जरी सीटिंग, मल्टी-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, साउंडप्रूफ केबिन और स्मूथ राइड क्वालिटी मिलती है। लंबे सफर के दौरान थकान कम करने के लिए एर्गोनॉमिक डिजाइन और हाई-एंड इंटीरियर का खास ख्याल रखा गया है।
अभी किन गाड़ियों का करते हैं इस्तेमाल
वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के भीतर करीब 50 लाख रुपये की हुंडई आयोनिक 5 इलेक्ट्रिक कार से चलते हैं, जो बुलेटप्रूफ नहीं है। पटना से बाहर के दौरों में वह बुलेटप्रूफ टाटा सफारी का इस्तेमाल करते हैं। रेंज रोवर के शामिल होने से काफिले की सुरक्षा व्यवस्था एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी।
जल्द काफिले में होंगी शामिल
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रेंज रोवर की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी गई है। तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद इन गाड़ियों को जल्द मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट कहना है कि इसका उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है, न कि लग्जरी का प्रदर्शन।






