
छतरपुर
अपने वार्ड, शहर सहित देश-प्रदेश में साफ और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उठाने वाले जनप्रतिनिधि ही जब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने लगे तो आम लोग क्या सबक लेंगे. भरी अदालत में भाजपा के पार्षद सहित 3 लोगों ने गुटखा खाकर थूका तो जज से पार्षद सहित तीनों पर 5-500 रुपये का जुर्माना ठोक दिया. जुर्माने की बात सुनते ही अदालत परिसर में मामला चर्चा का विषय बन गया.
स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियां
PM मोदी देश में स्वछता अभियान चलाते हैं, लेकिन उनके ही जनप्रतिनिधि जब उस अभियान की धज्जियां उठाने लगे तो आम जनता पर क्या असर पडेगा. मामला छतरपुर जिला अदालत परिसर का है. जब एक भाजपा पार्षद सहित 3 लोगों ने परिसर में गुटका खाकर थूक दिया. मामले की जानकारी जिला अदालत के जज अरविंद सिंह गुर्जर को लगी तो उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए भाजपा पार्षद सहित तीन लोगों पर कार्यवाही कर दी.
कोर्ट में थूकने पर पार्षद सहित तीन पर जुर्माना
जिला न्यायालय परिसर की गरिमा एवं स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला रजिस्ट्रार जज अरविंद सिंह गुर्जर लगातार देख रेख बनाये रखते हैं. न्यायालय परिसर में गुटखा सेवन कर थूकने तथा न्यायालय की सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने के मामले में तीन व्यक्तियों को दोषी पाया गया. जिनके विरुद्ध 500-500 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया. जिनमें भाजपा पार्षद बिलाल खान, शानू शाह और जितेन्द्र कुशवाहा शामिल हैं.
स्वच्छता को लेकर सीरियस हैं जज साहब
जज अरविन्द्र सिंह गुर्जर ने कार्यवाही तब की जब वह अधिवक्ता जितेन्द्र मांगली, राजा भदौरिया सहित अन्य अधिवक्तागण के साथ न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे. तभी उनके सामने भाजपा पार्षद सहित तीन लोगों ने परिसर में थूंक कर गंदगी फैला दी. तभी जज ने तीनों पर 500-500 रुपए के जुर्माने की कार्यवाही कर दी. न्यायालय प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि न्यायालय परिसर एक गरिमामय सार्वजनिक स्थल है. जहां स्वच्छता, अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं कानूनी दायित्व है.
परिसर में गंदगी फैलाने अथवा अनुशासन भंग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी. वही इससे पहले 18 सितंवर 2025 में भी जज अरविन्द्र सिंह गुर्जर 3 लोगों पर इसी तरह की कार्यवाही की थी.
गंदगी करने वालों को मिलेगी सजा
मामले में जब छतरपुर बार संघ अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया, ''अभी कुछ दिनों पहले अदालत परिसर की साफ सफाई की गई थी. जो भी पक्षकार आ रहे हैं वह जगह-जगह थूक रहे हैं. आज तीन लोगों पर जज अरविन्द्र गुर्जर ने जुर्माना लगाया है. अगर फिर भी लोग नहीं मानते हैं तो सजा के प्रावधान के लिए जज साहब से कहेंगे.''






