
हर साल कोटा में बड़ी संख्या में छात्र जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं. वहीं कोटा में कोचिंग और रहने का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी मुश्किल बन जाता है.
हर साल कोटा में बड़ी संख्या में छात्र जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं. वहीं कोटा में कोचिंग और रहने का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी मुश्किल बन जाता है.
देशभर में इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए कोटा एक बड़ा केंद्र बन चुका है. हर साल यहां बड़ी संख्या में छात्र जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं. वहीं कोटा में कोचिंग और रहने का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी मुश्किल बन जाता है. कई परिवार अपने बच्चों के लिए कोटा में कोचिंग का खर्च उठा नहीं पाते हैं. ऐसे में स्कॉलरशिप उनके लिए अच्छा मौका होता है.
दरअसल कई संस्थान अब स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को फ्री या बहुत कम फीस में पढ़ाई का मौका दे रही है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आपको भी कोटा में जेईई और नीट की फ्री में कोचिंग करनी है तो स्कॉलरशिप कैसे मिलती है.
दरअसल कई संस्थान अब स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को फ्री या बहुत कम फीस में पढ़ाई का मौका दे रही है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आपको भी कोटा में जेईई और नीट की फ्री में कोचिंग करनी है तो स्कॉलरशिप कैसे मिलती है.
कोटा के कई बड़े कोचिंग संस्थान एडमिशन से पहले स्कॉलरशिप टेस्ट आयोजित करते हैं. इन परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर फीस में छूट दी जाती है. अच्छी रैंक हासिल करने वाले छात्रों को 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप भी मिल सकती है, जिससे उनकी कोचिंग फीस पूरी तरह माफ हो जाती है.
कोटा के कई बड़े कोचिंग संस्थान एडमिशन से पहले स्कॉलरशिप टेस्ट आयोजित करते हैं. इन परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर फीस में छूट दी जाती है. अच्छी रैंक हासिल करने वाले छात्रों को 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप भी मिल सकती है, जिससे उनकी कोचिंग फीस पूरी तरह माफ हो जाती है.
इन टेस्ट में आमतौर पर वहीं सिलेबस पूछा जाता है जो छात्र अपने स्कूल में पढ़ते हैं. इससे छात्रों को अलग से तैयारी करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन अच्छे अंक लाने के लिए मजबूत बेस जरूरी होता है.
इन टेस्ट में आमतौर पर वहीं सिलेबस पूछा जाता है जो छात्र अपने स्कूल में पढ़ते हैं. इससे छात्रों को अलग से तैयारी करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन अच्छे अंक लाने के लिए मजबूत बेस जरूरी होता है.
स्कॉलरशिप पाने के लिए छात्रों को संबंधित कोचिंग संस्थान की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें टेस्ट की तारीख और मोड सेलेक्ट करने का ऑप्शन मिलता है. परीक्षा देने के बाद कुछ ही समय में रिजल्ट जारी कर दिया जाता है और उसी के आधार पर स्कॉलरशिप दी जाती है.
स्कॉलरशिप पाने के लिए छात्रों को संबंधित कोचिंग संस्थान की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें टेस्ट की तारीख और मोड सेलेक्ट करने का ऑप्शन मिलता है. परीक्षा देने के बाद कुछ ही समय में रिजल्ट जारी कर दिया जाता है और उसी के आधार पर स्कॉलरशिप दी जाती है.
स्कॉलरशिप टेस्ट में आमतौर पर 6वीं से 12वीं तक की छात्रों और ड्रॉपर्स शामिल हो सकते हैं. परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को न सिर्फ फीस में छूट मिलती है, बल्कि स्टडी मैटेरियल, गाइडेंस और टेस्ट सीरीज जैसी सुविधा भी दी जाती है.
स्कॉलरशिप टेस्ट में आमतौर पर 6वीं से 12वीं तक की छात्रों और ड्रॉपर्स शामिल हो सकते हैं. परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को न सिर्फ फीस में छूट मिलती है, बल्कि स्टडी मैटेरियल, गाइडेंस और टेस्ट सीरीज जैसी सुविधा भी दी जाती है.
वही पहले जहां कोटा में पढ़ाई और रहने का खर्चा से 5 लाख रुपये सालाना तक पहुंच जाता था. वहीं अब इसमें काफी कमी आई है. दरअसल कोचिंग फीस घटने के साथ-साथ हॉस्टल और पीजी का खर्च भी कम हुआ है. ऐसे में स्कॉलरशिप मिलने पर छात्रों का कुल खर्च और भी कम हो सकता है.
वही पहले जहां कोटा में पढ़ाई और रहने का खर्चा से 5 लाख रुपये सालाना तक पहुंच जाता था. वहीं अब इसमें काफी कमी आई है. दरअसल कोचिंग फीस घटने के साथ-साथ हॉस्टल और पीजी का खर्च भी कम हुआ है. ऐसे में स्कॉलरशिप मिलने पर छात्रों का कुल खर्च और भी कम हो सकता है.
स्कॉलरशिप पाने वाले छात्रों को कोचिंग के साथ कई सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें अच्छी फैकल्टी की ओर से पढ़ाई, नियमित टेस्ट और आकलन, स्टडी मैटेरियल और डाउन सॉल्विंग और करियर गाइडेंस जैसी सुविधाएं भी मिलती है.
स्कॉलरशिप पाने वाले छात्रों को कोचिंग के साथ कई सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें अच्छी फैकल्टी की ओर से पढ़ाई, नियमित टेस्ट और आकलन, स्टडी मैटेरियल और डाउन सॉल्विंग और करियर गाइडेंस जैसी सुविधाएं भी मिलती है.






