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फुटबॉल देश से क्रिकेट सरप्राइज तक: इटली अब T20 WC में छाप छोड़ने को बेताब

बेंगलुरु
फुटबॉल के दीवाने इटली में क्रिकेट की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हो गई थी लेकिन यह खेल हमेशा वहां हाशिये पर ही रहा लेकिन दो सदियों के बाद अब लगता है कि इस देश में क्रिकेट गुमनामी से बाहर निकल आएगा। वेन मैडसन की अगुवाई वाली इटली की टीम आगामी टी20 वर्ल्ड कप में छाप छोड़ने के लिए तैयार है और यह सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। पिछले महीने आयरलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में चार विकेट से मिली जीत टेस्ट खेलने वाले देश के खिलाफ इटली की पहली जीत थी। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधारों में से एक सहायक कोच केविन ओब्रायन थे जो आयरलैंड के मशहूर पूर्व ऑलराउंडर हैं। इटली ने ओब्रायन के अलावा कनाडा के पूर्व बल्लेबाज जॉन डेविसन को मुख्य कोच के रूप में अपने सहयोगी स्टाफ में शामिल किया है।
 
'जानते हैं कि विश्व कप में खेलने के लिए क्या जरूरी'
इंग्लैंड के लिए 25 वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच तथा वारविकशर के लिए 209 प्रथम श्रेणी के मैच खेलने वाले डौगी ब्राउन टीम के दूसरे सहायक कोच हैं। इटली क्रिकेट महासंघ (आईसीएफ) की अध्यक्ष लोरिया हाज पाज ने पीटीआई से कहा, ''हमारे सहयोगी स्टाफ के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है और वे जानते हैं कि विश्व कप में खेलने के लिए क्या जरूरी होता है। यह हमारे लिए वास्तव में बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे युवा खिलाड़ी उनसे इस तरह की बड़ी प्रतियोगिताओं में दबाव झेलने के लिए काफी कुछ सीख सकते हैं। उम्मीद है कि हमारी टीम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करेगी।'' पिछले साल 11 जुलाई को आईसीसी के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करना इटली क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण था। लेकिन वह इस सफलता पर संतुष्ट होकर बैठने को तैयार नहीं था।

'श्रीलंका में शिविर से टीम को काफी फायदा हुआ'
आईसीएफ ने पिछले साल नवंबर से खिलाड़ियों के कौशल को निखारने के लिए दुबई और श्रीलंका में शिविरों का आयोजन किया। डेविसन ने कहा, ''सबसे अहम बात यह स्वीकार करना था कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इन शिविर से टीम को काफी फायदा हुआ क्योंकि यहां की परिस्थितियां भारतीय परिस्थितियों से काफी हद तक मिलती-जुलती थीं। इससे खिलाड़ियों को यह पता चला कि विश्व कप में उनसे क्या उम्मीद की जा रही है। इससे उन्हें विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने में भी मदद मिली।'' इटली की टीम को उम्मीद है कि वह ग्रुप सी के अपने पहले दो मैचों में स्कॉटलैंड (जिसने बांग्लादेश की जगह ली है) और नेपाल के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करेगी। इसके बाद उसे पूर्व चैंपियन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

नेतृत्व को लेकर खींचतान के बाद बर्न्स हुए बाहर
पिछले साल यूरोपीय क्षेत्रीय प्रतियोगिता में इटली ने स्कॉटलैंड को हराया था और वे इस बार भी वैसा ही प्रदर्शन दोहराने की कोशिश करेंगे। नेतृत्व को लेकर चली खींचतान के कारण पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज जो बर्न्स को टीम से बाहर किए जाने के बावजूद इटली अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इटली की टीम में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर जेजे स्मट्स आक्रामक बल्लेबाज के रूप में मध्य क्रम को मजबूत बनाते हैं। उनकी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भारतीय पिचों पर काफी उपयोगी साबित हो सकती है। कप्तान मैडसन 42 वर्ष के हैं और उनके पास दुनिया भर की टी20 लीगों में खेलने का अनुभव है। इसी तरह का अनुभव मैनेंटी बंधुओं बेन और हैरी के पास भी है, जो बिग बैश लीग (बीबीएल) में खेलते रहे हैं। इटली ने सोमवार को चेन्नई में खेले गए अभ्यास मैच में कनाडा को 10 विकेट से हराया था जिसमें स्मट्स और हैरी मैनेंटी ने अहम भूमिका निभाई।

इटली की टीम: वेन मैडसन (कप्तान), मार्कस कैंपोपियानो, जियान पिएरो मीडे, ज़ैन अली, अली हसन, क्रिस्चन जॉर्ज, हैरी मैनेंटी, एंथोनी मोस्का, जस्टिन मोस्का, सैयद नकवी, बेंजामिन मैनेंटी, जसप्रीत सिंह, जे जे स्मट्स, ग्रांट स्टीवर्ट, थॉमस ड्रेका।
इटली का टी20 विश्व कप कार्यक्रम

9 फरवरी: स्कॉटलैंड के खिलाफ कोलकाता में

12 फरवरी: नेपाल के खिलाफ मुंबई में

16 फरवरी: इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में

19 फरवरी: वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में।

 

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