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1 अप्रैल से Paytm, PhonePe, Google Pay से FasTag में बदल जाएंगे नियम

नई दिल्ली

1 अप्रैल से नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसमें UPI से लेकर फास्टैग तक के नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसकी मदद से आपके लिए ये समझना आसान हो जाएगा कि कौन-से नंबर पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। साथ ही फास्टैग के नियम में ऐसा क्या बदलने वाला है। आज इसकी जानकारी भी देने वाले हैं। इनकम टैक्स के नियमों में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि आपको इसके बारे में आज ही जान लेना चाहिए। नियमों के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद आप पहले ही काम निपटा सकते हैं।

साथ ही इसका असर चुनिंदा यूजर्स पर पड़ने वाला है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इसकी वजह से सभी यूजर्स प्रभावित नहीं होंगे। साथ ही UPI ने इसे ध्यान में रखते हुए भी ऐसा किया है। तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं-

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1 अप्रैल से इन नंबरों पर नहीं चलेगी UPI
Paytm, PhonePe, Google Pay जैसी ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर सीधा असर पड़ने वाला है। खासकर ऐसे यूजर्स अब यूपीआई ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, जिनका नंबर इनएक्टिव हो चुका है। इनएक्टिव ऐसे नंबर होते हैं, जिसे वैलिडिटी खत्म होने के बाद रिचार्ज नहीं करवाया जाता है। इनएक्टिव होने के बाद नंबर की यूपीआई पर रोक लगा दी जाएगी। साथ ही यूपीआई आइडी को भी कंपनी की तरफ से हटाना शुरू कर दिया गया है। अगर यूजर्स फिर से ऐप पर यूपीआई का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उन्हें नंबर एक्टिवेट करवाना होगा। 1 अप्रैल से लागू होने के साथ ही NPCI की तरफ से नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा।

FasTag होगा अनिवार्य
महाराष्ट्र और मुंबई में रहने वाले लोगों के लिए फास्टैग अनिवार्य हो जाएगा। यानी आप महाराष्ट्र में वाहन चलाते हैं तो फास्टैग होना जरूरी होगा। ऐसा नहीं होने पर वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी। अगर आप बिना फास्टैग वाहन का इस्तेमाल करते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। दरअसल सरकार की तरफ से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को कम करने के लिए ऐसा फैसला लिया गया था। ये रोल आउट होने के बाद महाराष्ट्र की ज्यादातर गाड़ियों पर फास्टैग नजर आएगा।

बैंकिंग पर भी पड़ेगा असर
1 अप्रैल से मिनिमम बैलेंस को अनिवार्य कर दिया गया है। खास सेविंग्स अकाउंट वाले यूजर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अगर किसी यूजर के खाते में बैलेंस मिनिमम से कम होगा तो उस पर पैनल्टी लगाई जाएगी। 1 अप्रैल से इस नियम का सख्ती से पालन होगा। मिनिमम बैलेंस के लिए बता दें कि बैंक और खाते के आधार पर ये अलग-अलग हो सकता है। कुछ सरकारी बैंक में मिनिमम बैलेंस 3 हजार रुपए होता है जबकि कुछ बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस 10 हजार रुपए भी रखा जाता है। लेकिन अब ग्राहकों को इसे मेंटेन रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

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