फिल्म जगत

30 साल तक फिल्मों में हीरो से खाई मार, इस ‘विलेन’ शरत सक्सेना को पसंद नहीं थी खुद की शक्ल

मुंबई

‘फिर हेरा फेरी’ में तोतला सेठ, ‘तुमको न भूल पाएंगे’ में बाबू जी और ‘बादशाह’ में मोती का किरदार निभाने वाले शरत सक्सेना ने हिंदी के अलावा, तेलुगु, तमिल और मलयाल फिल्म इंडस्ट्री में काम किया। शरत ने बॉलीवुड में 250 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया, जिन्में से ज्यादातर में वह नेगेटिव, गुंडा-मवाली किरदार में दिखे।

शरत ने भले ही बॉलीवुड में सैंकड़ों फिल्मों की हों, एक वक्त में उन्हें खुद से नफरत होने लगी थी। वह बॉलीवुड में काम नहीं करना चाहते थे। वह खुद को गालियां बकते थे। इतना ही नहीं उन्हें अपने चेहरे से नफरत हो गई थी। शरत सक्सेना ने राजश्री अनप्लग्ड को दिए इंटरव्यू में अपने इस दर्द को बयां किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में उन्हें काम नहीं मिलता था। उन्हें सिर्फ फाइट करने को मिलते थे। उन्होंने कहा, मुझे अपनी शक्ल अच्छी नहीं लगती थी। सुबह हम जब तैयार होते थे, तो अपनी शक्ल देखकर गालियां देते थे कि हां भई अब जा रहे हैं पिटने। हम लोग हीरोज के इंट्रोडक्शन सीन करते थे। शरत सक्सेना ने आगे कहा, हीरो साहब आएंगे हमारी पिटाई करेंगे। और अपने आपको हीरो डिक्लेयर करेंगे और पिक्चर में आगे बढ़ेंगे। ये मेरा काम था। और ये काम मैंने लगभग 25-30 साल किया। शरत इससे ऊब गए थे। उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था। इसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी से भी बात कर ली थी। पत्नी के सपोर्ट से उन्होंने इंडस्ट्री भी छोड़ दी। लेकिन उनके नसीब में कुछ और ही लिखा था।

शरत सक्सेना ने कहा, एक दिन मैंने अपनी पत्नी पूछा- कुछ पैसे-वैसे हैं? उसने कहा- हां है। फिर मैंने पूछा-कितने दिन चलेंगे? उसने कहा- ह्यचल जाएंगे साल भर। मैंने उस दिन से हिंदी फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। और ईश्वर की कृपा से 2-3 दिन बाद मुझे कमल हासन  के दफ्तर से फोन आया। उन्होंने मुझे ‘गुना’ नाम की पिक्चर में रोल दिया। यह तमिल फिल्म थी। शरत सक्सेना ने आगे कहा, पैसे भी अच्छे थे और रोल भी अच्छा था। मैं गया उनके साथ शूटिंग की। चेन्नई और कोडइकनल में की। फिल्म रिलीज हुई। फिल्म को कई अवॉर्ड्स मिले। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान मेरी मुलाकात रामकुमार गणेसन से हुई। उन्होंने मुझसे पूछा की शरत तुम मेरी तमिल फिल्म में काम करोगे? मैंने तुरंत हां कह दिया। उनकी फिल्म का नाम मन्नन था। उसमें रनजीकांत लीड रोल में थे और में विलेन था। शरत सक्सेना इसके बाद मोहनलाल समेत कई साउथ के कई बड़े कलाकारों के साथ फिल्म की और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम किया।

KhabarBhoomi Desk-1

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