मध्यप्रदेश

मेडिकल छात्रा की मौत को लेकर परिजनों ने किया थाने पर प्रदर्शन

भोपाल

एमबीबीएस फस्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश की मौत के मामले में धीमी कार्रवाई से नाराज छात्रा के परिजन और ग्रामीण आज अलीराजपुर से भोपाल पहुंचे और कोहेफिजा थाने के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अलीराजपुर के अलावा भोपाल में पढ़ने वाले समाज के कई अन्य छात्र-छात्राएं एवं नाते-रिश्तेदार भी शामिल हुए। थाने के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह बड़े अधिकारी को बुलाने पर अड़े रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बात की

उनके समझाने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि छात्रा खुदकुशी नहीं कर सकती है, इसलिए हर एंगल पर जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों ने परिजनों को ठोस जांच का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही छात्रा के परिजनों और गांव से आए लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार बीती 10 फरवरी को गांधी मेडिकल कॉलेज की मेडिकल छात्रा रोशनी का शव हॉस्टल में संदिग्ध हालत में मिला था। इस मामले में कहा जा रहा था कि छात्रा ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था। रोशनी के शव के पास ही एसिड की बॉटल भी मिली थी। जब वह सुबह कॉलेज के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स उसे बुलाने के लिए पहुंचे थे, तब मामले का खुलाास हुआ था। परिजनों ने हॉस्टल पर लगाए गंभीर आरोप। छात्रा के परिजनों का कहना है कि वह हॉस्टल में नीचे रहती थी, जबकि उसका शव ऊपरी मंजिल वाले बाथरूम में मिला था। परिजनों ने जब सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो छात्रा ऊपर-नीचे आते-जाते नहीं दिखाई दी। इसके अलावा परिजनों का यह भी आरोप है कि छात्रा की मौत के बाद न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही परिजनों को बताया गया। बल्कि उसे उठाकर सीधे अस्पताल पहुंचा दिया गया।हॉस्टल  द्वारा दिखाए गए फुटेज से परिजन संतुष्ट नहीं हैं, वह छात्रा की मौत को लेकर साजिश बता रहे हैं।परिजनों का कहना है कि पुलिस उनके बयान दर्ज कर रही है, लेकिन जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, वह वापस गांव नहीं लौटेंगे।

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