
राजेन्द्र दास जी की कथा की तैयारियों की समीक्षा
भोपाल
बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभयारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं सहित प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। कार्यक्रम स्थल में डॉक्टर्स की टीम की उपलब्धता एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल में बनने वाले प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जायेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी।
बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में द्वितीय चरण में दुधारू गौवंश संरक्षित किये जायेंगे
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में द्वितीय चरण में दुधारू गौवंश के संरक्षण के लिये बनाये जाने वाले शेड व अन्य निर्माण कार्यों की कार्य योजना का अवलोकन किया। गौवंश वन्य विहार से लगी 10 एकड़ भूमि में दुधारू गाय, बछड़ा व गर्भवती गायों के लिए शेड सहित भूसा शेड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। अभी बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में बेसहारा गौवंश के लिए संरक्षण केन्द्र स्थापित है। यहां प्राकृतिक खेती भी हो रही है। आने वाले समय में शेष भूमि में दुधारू गौवंश का संरक्षण भी किया जायेगा। इस प्रकार इस गौवंश वन्य विहार में दोनों मॉडल हो जायेंगे। निर्माणाधीन सड़क मार्ग के दोनों तरफ पीपल का पौधरोपण किया जायेगा। इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थायें करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण कार्यों की लंबित राशि का भुगतान संबंधितों को शीघ्र करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रात्रि विश्राम गौवंश वन्य विहार में किया। प्रात: भ्रमण के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती और गौसंरक्षण स्थल सहित कथा स्थल का अवलोकन किया। भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की और गौपूजन कर गाय को आहार खिलाया।






