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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अन्य नेताओं के साथ सुनी प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’

पटना,

बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत तमाम नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ को सुना।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘मन की बात’ के 123वें एपिसोड को सुनने वालों में भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के अलावा उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी सहित प्रदेश के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

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‘मन की बात’ सुनने के बाद भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि वास्तव में, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की धड़कन है, जो नए भारत की आकांक्षाओं और संकल्पों को स्वर देता है। प्रधानमंत्री के आज की ‘मन की बात’ सुनकर फिर यह विश्वास और भी प्रबल हुआ कि हमारा देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ पूरे देशवासियों से करते हैं। आज उन्होंने फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ की बात को दोहराते हुए कहा कि हम अपने देश में निर्मित सामानों का ही उपयोग करें, तभी देश विकसित होगा और आगे बढ़ेगा। उन्होंने विदेशी सामानों से भी परहेज करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने इस क्रम में पर्यावरण संतुलन की भी चर्चा करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने की बात कही। अगर हम एक पेड़ भी लगाते हैं तो हम अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाते हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जायसवाल ने कहा कि इसके साथ ही उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों के उत्पादकों की भी चर्चा की। पीएम मोदी ने इस एपिसोड में भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि इस समय सबकी निगाहें अंतरराष्ट्रीय स्पेस सेंटर पर भी हैं। भारत ने एक नया इतिहास रचा है। इस संदर्भ में उन्होंने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से अपनी हालिया बातचीत का जिक्र किया, जो इस समय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि पीएम मोदी ने आपातकाल की भी चर्चा की और देशवासियों को उस दौर की भयावहता और संकट से अवगत कराने के लिए विभिन्न नेताओं के ऑडियो संदेशों को भी सुनाया। इन ऑडियो के माध्यम से उन्होंने उस समय के हालात को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया, जब लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की गई थी।

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बिहार में महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की इच्छा जताए जाने पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। वे महागठबंधन के साथ ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि जो गरीब पसमांदा मुसलमान हैं, जिनके अधिकार की बात आई है, ऐसे में उन्हें वक्फ कानून को भी देखने की जरूरत है। उन्होंने वक्फ कानून के विरोध में गांधी मैदान में आयोजित रैली को लेकर कहा कि चुनाव आया है। जब बरसात आती है तो सभी मेंढक बाहर निकलते हैं।

 

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