
भोपाल
प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 48 घंटों के भीतर विदिशा और खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
विदिशा: 1 करोड़ की डकैती का पर्दाफाश, 'डायल-112' की सतर्कता रही निर्णायक
विदिशा पुलिस ने थाना त्योदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायखेडी में घटित सनसनीखेज डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा (.315 बोर) और एक तलवार बरामद की है। जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस डकैती के सुराग में सागर जिले के थाना राहतगढ़ क्षेत्र में डायल-112 पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। रात्रिकालीन गश्त और रिस्पॉन्स के दौरान गिरोह का एक आरोपी विदिशा से डकैती करके भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अपह्त संपत्ति सड़क पर गिरा दी। डायल-112 पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही संपत्ति सहित गिरफ्तार कर लिया। इससे प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई को दिशा मिली और पूरे गिरोह का पता चला।विदिशा पुलिस की विशेष टीमों ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के चार सदस्यों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तारकर उनके कब्जे से संपूर्ण संपत्ति बरामद की है।
खरगोन: सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह से 90 लाख का माल बरामद
जिले की बड़वाह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज48 घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद 02 आरोपियों और 01 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान कचरे के ढेर में छिपाकर रखना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 300 ग्राम सोने के बार, 05 किलोग्राम चांदी के बार, अन्य आभूषण और नगदीसहितलगभग 90 लाख रुपये की सामग्री जब्त की है।
ये दोनों ही कार्यवाहियां मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और आधुनिक तकनीकी विवेचना (CCTV विश्लेषण एवं साइबर सेल) के उत्कृष्ट उदाहरण को दर्शाती हैं। विदिशा में जहां 'डायल-112' और विशेष टीमों के तालमेल ने डकैतों को पकड़ा, वहीं खरगोन में स्थानीय मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म परीक्षण से चोरों तक पहुँचा जा सका।
मध्य प्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने पर दें। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित समाज की नींव है।






