मध्यप्रदेश

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल
वन विभाग द्वारा अनुभूति कार्यक्रम वर्ष 2025-26 का आयोजन वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में किया गया। अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को वन, वन्य-प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अनुभूति कराकर उनके संरक्षण के लिये जागरूक एवं सहभागिता के लिये प्रेरित करना है। साथ ही वन विभाग के कार्यों, उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से विद्यार्थियों को अवगत कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के समन्वय से अनुभूति शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

अनुभूति शिविर में गत वर्ष में "मैं भी बाघ" एवं "हम है बदलाव'' को जोड़ते हुये नई थीम "हम हैं धरती के दूत" के माध्यम से संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण-सह-जागरूकता शिविर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में आज बुधवार को अंतिम शिविर आयोजित किया गया। शिविर में शासकीय माध्यमिक शाला, अब्बास नगर, भोपाल के 59 छात्र-छात्राओं एवं 4 शिक्षकों ने भाग लिया।

अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवानिवृत उप वन संरक्षक श्री ए.के. खरे उपस्थित रहे। इस अवसर पर सेवानिवृत उप वन संरक्षक श्री राजीव श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संचालक वन विहार श्री विजय कुमार, सहायक संचालक वन विहार श्री वीरेन्द्र सिंह एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

शिविर में शामिल हुए प्रत्येक बच्चे को अनुभूति बुक, अनुभूति बैग, केप, हर्बल किट, बटन वडी, पेन, वन विहार के ब्रोशर के साथ जलीय पक्षी, स्थलीय पक्षी, तितली प्रजाति और गिद्ध कुंजी के ब्रोशर भी प्रदान किये गये। विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर एवं नवीन प्रेरकों द्वारा पक्षी दर्शन, वन्य-प्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों एवं फूड चैन की जानकारी प्रदान की गई। वन, वन्य-प्राणी व पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों कराई गई एवं जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। छात्र-छात्राओं को वन्य-प्राणियों को कैसे रेस्क्यू किया जाता है, इसके सम्बंध में वन विहार में उपलब्ध रेस्क्यू वाहन के माध्यम से रेस्क्यू टीम द्वारा अवगत कराया गया। इसका प्रतिभागियों ने गंभीरता के साथ भरपूर आनंद लिया। शिविर में वन, वन्य-जीव एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिये बच्चों को शपथ दिलाई गई एवं पुरस्कार तथा प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये।

 

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