मध्यप्रदेश

रिमॉडलिंग कार्य से प्रभावित 30 ट्रेन रद्द, 11 का बदला रूट तो 4 हुई शॉर्ट टर्मिनेट

कटनी

कटनी जिले में रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य के चलते लगभग 30 ट्रेन रद्द की गई हैं। 11 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है तो वहीं चार लोकल यात्री ट्रेन को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया। बीना रूट के लिए फिलहाल अभी एक यात्री ट्रेन क्र.11602 मेमो का परिचालन किया जा रहा हालांकि स्टेशन प्रबंधक ने यात्रियों की परेशानियों को देखते कुछ और गाड़ियां बढ़ाने की बात कही है।

 

कटनी जिले के मुड़वारा, कटनी और साउथ स्टेशन से लगभग आधा सैकड़ा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानियों को समाना करना पड़ रहा है। बता दें कटनी-बिलासपुर, कटनी-बीना सहित अन्य रूट में चलने वाली यात्री ट्रेनें न्यू कटनी जंक्शन यार्ड में चल रहे रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य के कारण 30 ट्रेन रद्द की गई है। 11 ट्रेनों का रूट डायवर्ट हुआ है तो वहीं 4 लोकल यात्री ट्रेन को शॉर्ट टर्मिनेट करते हुए रद्द किया गया है। जिससे कटनी, साउथ सहित मुड़वारा स्टेशन में रोजाना हजारों की संख्या में यात्री पहुंच रहे है इस वजह से स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर स्टेशन के अंदर यात्रियों की भीड़ का दबाव बढ़ता जा रहा है।

ट्रेन न मिलने से परेशान पथरिया जाने वाले देवेंद्र कुर्मी ने बताया कि हम 32 लोग ट्रेन की टिकट कटवा लिए हैं, लेकिन गाड़ी न मिलने से परेशान हैं। 2 बजे के आए हैं, लेकिन कोई गाड़ी नहीं है। कल 11 बजे मिलेगी। खेत की कटाई के लिए व्यौहारी से पथरिया जा रहे स्टेशन में जगह न होने के कारण आउटर में बैठे हैं। हालांकि भीड़ और ट्रेन की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग जान जोखिम में डालते हुए मालवाहक गाड़ियों से एक स्थान से दूसरे स्थान जाते दिखे। वहीं स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों द्वारा लगातार नजर बनाए हुए है।

मुड़वारा स्टेशन प्रबंधक संजय सिंह ने बताया कि रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य के चलते 16 सितंबर से ट्रेन का संचालन बंद है। रेलवे ने चार लोकल यात्री ट्रेन को शॉर्ट टर्मिनेट किया है जिसमे चार ट्रेनों में से एक मात्र ट्रेन 11602 मेमो का संचालन किया जा रहा है बरहाल 18236 और 11271 अप एंड डाउन ट्रेन के बंद होने से मुड़वारा स्टेशन में यात्रियों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है यही वजह है कि स्टेशन परिसर में पैर रखने की जगह नही है। मेमो ट्रेन के छुटने के दौरान यात्रियों ने ट्रेन भी रोकने की कोशिश की, जिस वजह यात्रियों में गुस्सा देखा जा रहा है दो से तीन दिन होने के बाद ट्रेन में जगह नही मिलने पर यात्रियों का सब्र का बांध अब टूटने लगा जिससे वह ट्रेन तक रोकने पर आमादा होने लगे है। हालांकि स्टेशन प्रबंधक ने कल से एक और मेमो ट्रेन चलाने की बात की है जिससे यात्रियों को अपने गंतत्व तक पहुंचने में सुविधा हो सके।

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