
कोटा
रामगंज मंडी में श्री राम कथा कर रहे बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री आज अपने दिए हुए वचन की पालना में वार्ड नंबर 3 रामगंज मंडी निवासी दो बहनों भावना राठौड़ और खुशबू राठौर के घर देर रात चाय पीने पहुंचे!
एक दिन पहले शनिवार को इन दोनों बहनों ने कथा के दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा प्रकट करते हुए राखी बांधी थी! और राखी बांधने के बाद अपने भाई आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से निवेदन किया था कि वह उसके घर चाय पीने आए! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भी अपनी बहन को वचन दिया था कि वह तीन दिन यहां रामगंज मंडी में है तो उसके घर चाय पीने जरूर आएंगे! और आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बहनों से किया हुआ वायदा निभाया भी सही! रविवार की रात को कोटा मैं शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के घर पहुंचकर पहले तो उनके परिवार जनों से भेट की और आशीर्वाद दिया! उसके बाद रामगंज मंडी लौटकर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री देर रात 12:00 बजे अचानक वार्ड नंबर 3 रामगंज मंडी में अपनी बहन खुशबू और भावना राठौड़ के घर पहुंचे!
विश्व विख्यात भारत के चोटी के संत जिन्हें सुनने के लिए रामगंज मंडी में कथा स्थल पर लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ रही है! उस महान और पूजनीय संत को अपनी कुटिया में प्रकार भावना और खुशबू राठौर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा! दोनों बहनों की आंखों से खुशियों के मोती छलक पड़े!
भावना बोली मुझे विश्वास था मेरे भाई मेरे घर चाय पीने जरूर आएंगे! अपना किया हुआ वादा पूरा करेंगे! भावना ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि वह दोनों बहने हैं उनके कोई भाई नहीं है इसलिए वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनना चाहती थी!
उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन ऐसा हो नहीं पाया! रामगंज मंडी में जब कथा करने आचार्य शास्त्री पहुंचे तो दोनों बहनों ने ठान ली कि वह अब अपनी इच्छा पूरी कर के रहेगी! और हुआ भी ऐसा ही आखिरकार वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने और घर पर बुलाकर चाय पिलाने में सफल रही! दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौर और माता हेमलता राठौर ने आचार्य जी को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी, परंतु उनको विश्वास नहीं होता था! कई बार बेटी को समझाया भी की यह संभव नहीं है! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री कभी भी उसके घर चाय पीने नहीं आएंगे!
लेकिन बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद है कि बेटियों का सपना पूरा हुआ और आज स्वयं आप भगवान के रूप में हमारे घर पधारे हैं! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सर पर हाथ फेरते हुए कहा कि आज से हम तुम्हारे भाई हैं! भाई की कमी कभी महसूस मत करना! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बहन के घर लगभग आधा घंटा बैठकर चाय पी और उसके माता-पिता व उपस्थित अन्य परिजनों से हाल-चाल पूछे! और घर से विदा होने से पहले अपनी दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बच्चियों के पिता लाल चंद्र राठौर को बागेश्वर धाम की तरफ से एक कूपन भी दिया! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के साथ शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित थे!






