मध्यप्रदेश

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी वरुण को किसने दी पनाह? फरारी के ठिकानों की जांच शुरू

भोपाल
 पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में आरोपित वरुण कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब एक नया सवाल है। आखिर 33 दिन तक वह किन लोगों के सहारे फरारी काटता रहा? वारदात के बाद भोपाल से निकलकर अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलने के दौरान उसे किसने पनाह दी और किसने उसकी पहचान छिपाने में मदद की? पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है।

तलाश के बाद आरोपित तक पहुंची पुलिस उसके संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान वरुण ने किन लोगों से संपर्क किया था। क्या किसी परिचित ने उसे रहने की जगह दी, आर्थिक मदद की या एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने में सहायता की? पुलिस उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों की भी पड़ताल कर रही है।

दोस्त के मोबाइल से बहन को किया था फोन
फरारी के दौरान वरुण ने मोबाइल इस्तेमाल करने से परहेज किया, लेकिन एक बार दोस्त के मोबाइल से अपनी बहन को फोन करना उसकी गिरफ्तारी का अहम सुराग बन गया। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस उस दोस्त तक पहुंची और फिर वरुण की लोकेशन का पता लगाया। अब पुलिस यह भी जांच रही है कि दोस्त को उसके अपराध और फरारी की जानकारी थी या उसने अनजाने में मदद की।

Related Articles

मददगारों की भूमिका तय करेगी जांच
पुलिस का अगला फोकस उन लोगों की पहचान करना है, जिन्होंने फरारी के दौरान उसे संरक्षण दिया। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि किसी ने जानबूझकर उसे छिपाया था या उसने अलग-अलग पहचान बनाकर ठिकाने हासिल किए।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button