छत्तीसगढ़

CG में 4,670 परिवारों का पक्के घर का सपना होगा पूरा, साय सरकार ने दी सौगात

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने प्रदेश के शहरी जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। इस बार की दिवाली खुशियों वाली होने वाली है।

दीपावली पर भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत 4670 नए आवासों की स्वीकृति दी है। प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में यह मंजूरी दीपावली की सौगात बनकर आई है।

बीएलसी में 60,623 और एएचपी में 15,463 आवासों को स्वीकृति
इस नई स्वीकृति से पूर्व भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 55 हजार 953 हितग्राहियों तथा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अंतर्गत 15 हजार 463 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके थे। इस प्रकार दोनों घटकों में पहले ही कुल 71 हजार 416 आवासों को मंजूरी मिल चुकी थी। अब 4670 नए आवासों की स्वीकृति के साथ बीएलसी घटक में स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 60 हजार 623 हो गई है। एएचपी घटक के 15 हजार 463 आवासों को मिलाकर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के इन दोनों घटकों के अंतर्गत अब तक कुल 76 हजार 086 हितग्राहियों के आवासों को भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।

हर पात्र परिवार को पक्का आवास दिलाने के लिये प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नवीन आवासों की स्वीकृति पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार किया जा रहा है। उन्होंने सभी नए लाभार्थी परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि 4670 नए आवासों की स्वीकृति से हजारों शहरी गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा होगा। राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपावली पर मिली यह सौगात उन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है, जो अपने घर के आंगन में खुशियों के दीप जलाने का सपना संजोए हुए हैं। आवास की स्वीकृति उनके लिए केवल मकान निर्माण का अवसर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ता कदम है।

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