
दुर्ग.
स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि गैर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए वर्ष में न्यूनतम दो बार निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) से टीईटी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
इस परीक्षा से सेवारत शासकीय शिक्षक जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष या अधिक शेष हैं, उन्हे सेवा में बने रहने या पदोन्नति हेतु समुचित स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों को निर्देशित किया है कि गैर टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का विशेष आयोजन किया जाए। इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है। वर्तमान में दुर्ग जिले के 2756 शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना है। संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिये आयोजित टीईटी परीक्षा से छत्तीसगढ़ में लगभग 60 हजार से अधिक सेवारत शासकीय शिक्षकों जिनका टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं होने से सेवा निरंतरता में व्यवधान आ रहा था, उन्हे लाभ मिलेगा। इसमें उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सेवारत शासकीय शिक्षकों एवं अन्य गैर सेवारत अभ्यर्थियों के लिए सामान्य टीईटी परीक्षा का भी आयोजन छ.ग. कर्मचारी चयन मण्डल से कराये जाने हेतु राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। पूर्व में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा समय-समय पर किया जाता रहा है, जिसके आयोजन किए जाने हेतु छ.ग. कर्मचारी चयन मण्डल को अधिकृत किया गया है। जो कि वर्ष में कम से कम एक बार सामान्य टीईटी परीक्षा का आयोजन करेगी।






