
रायपुर। चिकित्सा सेवा, समर्पण और मरीजों के विश्वास के साथ शुरू हुआ सीता मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी डेंटल क्लिनिक का सफर आज 12 वर्ष पूरे कर चुका है। वर्ष 2014 में शुरू हुई इस सेवा यात्रा के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में क्लिनिक परिसर में हर वर्ष की परंपरा को निभाते हुए भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सराफ, उनकी पत्नी डॉ. प्रिया सराफ और क्लिनिक के समर्पित स्टाफ ने मिलकर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भंडारा सेवा, सद्भाव और सामाजिक सरोकार का प्रतीक बना। चिकित्सा के क्षेत्र में मरीजों की सेवा के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की भावना को आगे बढ़ाते हुए क्लिनिक परिवार ने इस आयोजन के माध्यम से आपसी सहयोग और मानव सेवा का संदेश दिया।
12 वर्षों का सफर, विश्वास की मजबूत पहचान
वर्ष 2014 में शुरू हुआ सीता मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी डेंटल क्लिनिक का सफर आज 12 वर्ष की उपलब्धि के पड़ाव पर पहुंच गया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) आदरणीय लोकेश कावड़िया जी ,डॉ. जितेंद्र सराफ और डॉ. प्रिया सराफ ने मरीजों, शुभचिंतकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्लिनिक की स्थापना के पीछे बेहतर दंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की भावना रही है। स्थापना दिवस पर आयोजित भंडारा इसी सेवा भावना और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सराफ ने कहा कि “सीता मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी डेंटल क्लिनिक के 12 वर्ष पूरे होना हमारे लिए गर्व और कृतज्ञता का क्षण है। वर्ष 2014 में शुरू हुई इस यात्रा में मरीजों का विश्वास, शुभचिंतकों का सहयोग और हमारी पूरी टीम का समर्पण सबसे बड़ी ताकत रहा है। हम सभी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन कर हम सेवा और मानवता की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में भी मरीजों को बेहतर दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते रहें।”
डॉ. जितेंद्र सराफ, डॉ. प्रिया सराफ और उनकी पूरी टीम के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन क्लिनिक की 12 वर्षों की यात्रा में एक यादगार अवसर बना। स्थापना दिवस पर आयोजित भंडारे ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि चिकित्सा सेवा का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को मजबूत करना भी है।







