छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना से बदली भारती की जिंदगी, सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया खुद का रोजगार

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

महतारी वंदन योजना से बदली भारती की जिंदगी, सहायता राशि से सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया स्वरोजगार

घर की आर्थिक परेशानियों के बीच महतारी वंदन योजना बनी सहारा, अब सिलाई से परिवार की आमदनी में दे रहीं योगदान

Related Articles

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला पोषण और देखभाल का संबल, दो योजनाओं ने दी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह

रायपुर, 
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बन रही है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले की श्रीमती भारती धीवर इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग करते हुए सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का काम शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली सहायता ने गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद पोषण एवं देखभाल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया है।

महतारी वंदन की राशि से खरीदी सिलाई मशीन, हुनर को बनाया कमाई का जरिया

श्रीमती भारती धीवर बताती हैं कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। सीमित आय के कारण घर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए कुछ काम करना चाहती थीं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण स्वरोजगार शुरू करना आसान नहीं था।

ऐसे समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए मददगार साबित हुई। योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि का उपयोग कर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और अपने हुनर को आजीविका का माध्यम बनाया। अब वे घर से ही सिलाई का काम कर आय अर्जित कर रही हैं। इससे उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहयोग करने का अवसर मिल रहा है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला मातृत्व और पोषण का संबल

श्रीमती भारती धीवर को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का भी लाभ मिला है। इस योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से उन्हें गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली। बच्चे के जन्म के बाद भी यह सहायता उनके और शिशु के पोषण एवं देखभाल में उपयोगी साबित हुई।

भारती बताती हैं कि इन दोनों योजनाओं ने उनके जीवन में अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महतारी वंदन योजना ने जहां उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर दिया, वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल प्रदान किया।

आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

सिलाई कार्य शुरू करने के बाद श्रीमती भारती धीवर के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले जहां वे परिवार की आर्थिक जरूरतों को लेकर चिंतित रहती थीं, वहीं अब अपने हुनर से आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में योगदान दे रही हैं। घर से ही काम करने की सुविधा से वे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ स्वरोजगार को भी आगे बढ़ा रही हैं।

उनके लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है।

श्रीमती भारती धीवर ने दोनों योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं से मिली सहायता ने उन्हें सिलाई कार्य शुरू करने और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया है।

भारती धीवर की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का सही उपयोग महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहलें महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उन्हें स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और बेहतर पारिवारिक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button