विदेश

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की बड़ी कूटनीतिक पहल, यूक्रेन ने माना भारतीय प्रस्ताव को सबसे व्यापक

कीव
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में भारत ने यु्द्धविराम का प्रस्ताव दिया है। पिछले लगभग साढ़े चार साल से रूस के साथ उलझे यूक्रेन ने भी इस प्रस्ताव के मिलने की पुष्टि की है। जेलेंस्की के खास और यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भारत द्वारा दिए गए युद्ध विराम के प्रस्ताव को सबसे सही और व्यापक करार दिया है। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी इस बात का जिक्र किया था कि पीएम मोदी लगातार युद्ध को खत्म करने की बात करते हैं।

यूरोपियन प्रावदा की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युद्धविराम के लिए उन्हें चार देशों से प्रस्ताव मिले हैं। इसमें भारत, तुर्किए, मिस्त्र और अमेरिका से युद्धविराम प्रस्ताव मिले हैं। इसमें से भारत का प्रस्ताव 'सबसे व्यापक' है। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने कहा कि वह इन सभी प्रस्तावों पर अलग-अलग तरीकों से विचार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, प्रमुख रूप से युद्धविराम तभी हो पाएगा, जब इसमें एनर्जी सेंटरों और पोर्ट्स पर हमलों को बंद करना और काला सागर की स्थिति को भी शामिल किया जाएगा।

यूक्रेनी विदेश मंत्री ने भारत के प्रस्ताव को बताया सबसे व्यापक
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस पूरे मामले में भारत के प्रस्ताव को सबसे व्यापक करार दिया। उन्होंने कहा, "हमें जो चार प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक है। हम एनर्जी सेक्टर और ब्लैक सी (काला सागर) से जुड़े युद्धविराम के लिए तैयार हैं। लेकिन इसी संयोजन में। यह पूरी तरह से ऊर्जा से जुड़ा युद्धविराम होना चाहिए, इसमें बंदरगाह के इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित सभी एनर्जी सेंटरों पर हमलों को रोका जाए।

Related Articles

उन्होंने तुर्किए और मिस्त्र द्वारा आए प्रस्ताव पर भी बात की। सिबिहा ने कहा कि तुर्की और मिस्र ने भी ऐसे ही प्रस्ताव दिए हैं, जिनमें यूक्रेन से अनाज का एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने के लिए ब्लैक सी में युद्धविराम का सुझाव दिया गया था। इसके अलावा अमेरिका का प्रस्ताव इस बात पर जोर देता है कि यूक्रेन और रूस एनर्जी से जुड़े युद्धविराम पर सहमत हों।

जेलेंस्की और पुतिन के बीच बैठक के लिए तैयार यूक्रेन- सिबिहा
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि जेलेंस्की और पुतिन के बीच होने वाली बैठक का नतीजा युद्धविराम भी हो सकता है। यूक्रेन इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की और पुतिन के बीच बैठक के नतीजों में से युद्धविराम एक हो सकता है। हम युद्धविराम के अलग-अलग तरीकों के लिए तैयार हैं, जिसमें कॉन्टैक्ट लाइन पर बिना किसी शर्त वाला युद्धविराम भी शामिल है।"

रूस और यूक्रेन युद्ध खत्म कराने पर जोर देता रहा है भारत
भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि रूस और यूक्रेन का युद्ध जल्द से जल्द बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाए। इसके अलावा भारत शुरुआत से ही दोनों पक्षों से भी इस बात को कहता हुआ आया है कि वह युद्ध खत्म करने में मदद करने को तैयार है। नई दिल्ली ने बार-बार कहा है कि इस युद्ध का असर खाने-पीने की चीजों, ईंधन और फर्टिलाइजर की सुरक्षा पर पड़ा है, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों पर।

आंद्री सिबिहा की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में राष्ट्रपति पुतिन ने भी शांति को लेकर पीएम मोदी के विचारों की तारीफ की थी। एक कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी हर मुलाकात के दौरान युक्रेन युद्ध का मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने कहा, "वह इस मामले में गहरी दिलचस्पी लेते हैं और उनके पास आपसी सहमति वाले समाधान खोजने के लिए बेहतरीन विचार हैं। इस लिहाज से, निश्चित रूप से निष्पक्ष रुख अपनाते हैं और साथ ही संघर्ष को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button