
नई दिल्ली
भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। हालांकि, सिर्फ रेड बॉल क्रिकेट से ही उन्होंने संन्यास का ऐलान किया है। भारत के लिए तो कभी ये स्पिनर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाया, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में काफी एक्टिव रहा। चहल हाल ही में लॉर्ड्स में आखिरी बार रेड बॉल क्रिकेट मैच खेलते नजर आए थे। चहल ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी है, जहां उन्होंने एक लंबा पोस्ट लिखा है।
चहल ने अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, “मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह रेड बॉल थी। मैं 10 साल का था और मुझे तब कोई अंदाजा नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना प्यार हो जाएगा। मेरे लिए, रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। यहीं पर मैंने सब्र, कैरेक्टर, मजबूती और घंटों तक मैदान पर रहने, हर रन और हर विकेट के लिए लड़ने की असली खुशी का मतलब सीखा।”
उन्होंने आगे लिखा, “मैंने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला था, ये शब्द कहना इमोशनल है, क्योंकि टेस्ट कैप हमेशा एक सपना था, जिसे मैंने कई सालों तक अपने साथ रखा। हो सकता है कि यह न हुआ हो, लेकिन मैं अपने सफर से सच में खुश हूं और इस फॉर्मेट में मुझे मिले हर मौके के लिए बहुत शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी ज़िंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दीं, और कोई भी चीज़ इसे कभी नहीं छीन सकती।"
चहल का फर्स्ट क्लास करियर
युजवेंद्र चहल के फर्स्ट क्लास करियर की बात करें तो वे इस फॉर्मेट में अर्धशतक भी पूरा नहीं कर पाए। 49 मैचों के बाद उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा की है। इन मैचों की 79 पारियों में उन्होंने कुल 148 विकेट अपने नाम किए थे। 99 रन देकर 9 विकेट एक मैच में उन्होंने चटकाए थे, जबकि एक पारी में उनकी बेस्ट परफॉर्मेंस 44 रन देकर 6 विकेट लेना रही। 6 बार फाइव विकेट हॉल और 8 बार 4 विकेट हॉल उन्हें प्रथण श्रेणी क्रिकेट में प्राप्त हुआ था। 32.27 का औसत और 3.13 का इकॉनमी रेट उनके करियर का रहा।
3 नवंबर 2009 को युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। हरियाणा के लिए खेलते हुए वे मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी मैच में उतरे थे। वहीं, आखिरी फर्स्ट क्लास मैच उन्होंने इंग्लैंड में खेला। 24 सितंबर 2026 से यह मैच शुरू हुआ था। वे मिडलसेक्स के खिलाफ नॉर्थेम्पटनशायर के लिए काउंटी मैच में खेले थे। लंदन के लॉर्ड्स में यह मुकाबला खेला गया था, जबकि इंदौर में वह पहला फर्स्ट क्लास मैच खेले थे।






