
पटना
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में एक केंद्रीय टीम बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे।
भोपाल से विशेष विमान से पटना हवाईअड्डा पहुंचने के बाद वे सीएम सम्राट चौधरी के साथ हाजीपुर पुलिस लाइन से सड़क मार्ग से राघोपुर प्रखंड के तेरसिया दियारा पहुंचे।
यहां एसडीआरएफ के बोट और ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी मौजूद है।
सारण जिला में दिघवारा और पटना जिला में मनेर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। दोपहर में पटना में बैठक कर आपदा प्रबंधन और बाढ़ राहत कार्यों की जानकारी लेंगे।
भागलपुर से पटना लौटने के बाद जाएंगे कोलकाता
उसके बाद मुंगेर के लिए रवाना हो जाएंगे। वहां से बाढ़ का निरीक्षण करते हुए भागलपुर पहुंचेंगे। भागलपुर राजकीय अतिथिशाला में रात्रि विश्राम करेंगे।
गुरुवार दोपहर तक पटना लौंटेंगे। और उसी दिन 12:40 बजे इंडिगो की फ्लाइट से कोलकाता के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
बहरहाल 15 जिलों (पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल) के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें बाढ़ प्रभावित हैं।
इनके अंतर्गत लगभग 49.72 लाख लोग और 55 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ प्रभावित हुई है। राज्य सरकार की ओर से राहत-बचाव का काम चल रहा है। वैसे सरकार बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
नदियों में उतार-चढ़ाव: केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, डुमरिया घाट पर गंडक, बलतारा एवं कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना के दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर एवं कहलगांव में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती एवं दरौली में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
कुछ स्थानों पर नदियों का जलस्तर स्थिर रहने या फिर घटने की संभावना है। मुख्य रूप से वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्तर स्थिर तो बाल्मीकिनगर बराज पर गंडक के जलस्तर में गिरावट पाई गई। हालांकि, इंद्रपुरी बराज पर सोन के जलस्तर में वृद्धि भी देखने को मिली है।
वर्या और पूर्वानुमान : राज्य में सितंबर में अब तक 112.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग छह प्रतिशत अधिक है।
हालांकि, एक जून से 14 सितंबर तक सामान्य से 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके बावजूद बाढ़ का कारण नेपाल से आने वाली नदियां और बिहार मेंं नदियों में गाद का भर जाना है।
बिहार मौसम सेवा केंद्र का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर बहुत हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग का दावा
1089 कम्युनिटी किचन से लगभग 147.73 लाख लोगों को सुबह-शाम का भोजन कराया जा चुका है।
13 राहत शिविरों में 11,508 बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन, चिकित्सा आदि की व्यवस्था है।
1358 सरकारी नावें चलाई जा रहीं पूरे राज्य में, एसडीआरएफ की 27 व एनडीआरएफ 10 टीमें तैनात हैं।
4.11 लाख पालीथीन शीट, 78,700 ड्राई राशन पैकेट, 1400 फूड पैकेट का अब तक वितरण हुआ है।
14,251 क्विंटल पशुचारा का वितरण हो चुका है पशुपालकों के बीच। सूखा व हरा चारा की व्यवस्था है।
बाढ़ सहायता राशि के पांच पहलू
बाढ़ से प्रभावित : 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत, 2,642 गांव तथा 21 शहरों के 136 वार्ड। 50 लाख लोग तथा 55 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित है।
सभी को सहायता : मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी प्रभावित परिवार राहत से वंचित न रहे। छूटे हुए परिवारों को एक सप्ताह के भीतर सूची में जोड़ने का निर्देश।
राहत व बचाव : एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 21 टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। स्थिति सामान्य होने तक राहत-बचाव कार्य जारी रहेगा।
पुनर्निर्माण हो बेहतर :'बिल्ड बैक बेटर दैन बिफोर'' (पहले से बेहतर बनाना) की थीम पर पुनर्निर्माण एवं पुन:-प्राप्ति कार्य किए जाएंगे। सभी पुन:-प्राप्ति कार्य एक माह के भीतर पूरे करने का निर्देश।
क्षति का आकलन : बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर अधिकारियों को क्षति का समुचित आकलन कर रिपोर्ट तैयार रखने का निर्देश।






