मध्यप्रदेश

चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर, CM मोहन यादव ने किया हवाई सर्वे; प्रभावितों से मिलकर बांटी राहत सामग्री

सतना
 चित्रकूट पहुंचे मुख्यमं
त्री डॉ मोहन यादव,मंदाकिनी नदी बाढ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री जी के साथ विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार कमिश्नर रीवा शीलेन्द्र सिंह भी, चित्रकूट पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हेलीकॉप्टर से करेंगें हवाई सर्वे। हेलीपेड आरोग्यधाम में हेलीकॉप्टर उतरा।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर है। गोरगी बांध फूटने से कई इलाकों में पानी भर गया और रामघाट का बड़ा पुल तेज बहाव में बह गया। सीएम डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

सीएम ने आश्रय स्थल में बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित लोगों की जिंदगी पटरी पर लाने के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की वजह मानते हुए रिकॉर्ड मंगाकर जरूरी कार्रवाई की बात कही।

इधर, शनिवार को सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में भी बाढ़ के हालात बने। सतना में रेलवे ट्रैक और थाने तक डूब गए, जबकि पन्ना में कई गांव टापू बन गए। रविवार को प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

'हर प्रभावित तक पहुंचे मदद

मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने स्थानीय सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सतना एवं रीवा में बारिश के दौरान जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सतना कलेक्टर को निर्देश दिए की सभी बाढ़ प्रभावित लोगों एवं चित्रकूट में रुके हुए श्रद्धालु एवं रहवासियों के भोजन वस्त्र एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वे कराकर आरबीसी 6/4 के तहत राहत राशि भी प्रदान की जाए । मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश से कोई जनहानि एवं पशु हानि ना हो । मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए की जिन जिलों में बारिश का कम असर है वहां से बचाव के उपकरण बाढ़ प्रभावित जिलों में उपयोग में लाए जाएं।

6 गांवों में किया गया रेस्क्यू
बताया गया कि एनडीआरएफ की टीम मुस्दैती से बचाव कार्य संपादित करें। सतना कलेक्टर ने अवगत कराया कि छह गांव में रेस्क्यू किया गया है आज रात बारिश नहीं हुई तो स्थिति ठीक हो जाएगी। सात लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है ।

उन्होंने बताया कि नया गांव डैम डैमेज हुआ है, इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने निर्देश दिए कि चित्रकूट में आने वाले श्रद्धालु एवं रहवासियों को सुरक्षित रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्हें भोजन पैकेट दिया जाए। सद गुरू आश्रम में जो श्रद्धालु रुके हुए हैं उनका नंबर लेकर उनके परिजनों से संपर्क कर श्रद्धालुओं की बातचीत कराई जाए।

जैतवारा में रूके सबसे ज्यादा लोग
बताया गया कि जैतवारा गांव में सबसे ज्यादा लोग रुके हुए हैं उनके समुचित भोजन पानी एवं वस्त्र की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने रीवा सतना एवं सतना चित्रकूट मार्ग के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर रीवा ने बताया कि रीवा में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

बाढ़ प्रभावितों के प्रकरण बनाए गए हैं, जो पशु हानि हुई है उसकी सहायता राशि दी जाएगी। सर्किट हाउस में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह , पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत , कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी , सहित संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।

मंदाकिनी नदी की तेज धारा में बहा पुल
चित्रकूट में रामघाट में 300 मीटर बना बड़ा पुल मंदाकिनी नदी के तेज धारा में बहा,जल स्तर कम होने पर दिखा खंडहर हो चुका पुल चित्रकूट की मंदाकिनी नदी में बीते दिन आई सदी की सबसे भीषण बाढ़ के चलते सबकुछ तबाह और बर्बाद हो गया। 

बाढ़ के पानी में डूबकर एक की मौत
चित्रकूट स्थित शिवहरे धर्मशाला में चतुर्माशा करने के लिए रुके 50 लोगों के दल में से एक व्यक्ति कमला शरण निवासी ग्राम सुनैनी, जिला अरवल बिहार की बाढ़ के पानी में फसने के बाद डूबकर मौत हो गई है, साथ दो लोगो को बचा लिया गया है।

 

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