
लखनऊ
परिवहन निगम की बसों में कंडक्टर बनने के लिए अब सीधी भर्ती होगी। चार साल बाद आउटसोर्स से भर्ती करने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है। अब निगम क्षेत्रवार विज्ञापन निकालकर चार हजार से अधिक कंडक्टरों की जल्द भर्ती करेगा। इस संबंध में निगम ने विस्तृत प्रस्ताव अप्रैल में भेजा था, अब शासनादेश जारी हो गया है।
संयुक्त सचिव राजेंद्र कुमार ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नाथ सिंह को भेजे आदेश में लिखा है कि महिला कंडक्टरों को संविदा पर रखा जा रहा है, अब इसी तर्ज पर कंडक्टरों की आपूर्ति सीधे अनुबंध पर होगी, यानि निगम अब संविदा पर ही पुरुष कंडक्टरों की भी भर्ती करेगा।
परिवहन निगम में बसों का बेड़ा 14300 से अधिक है। प्रति बस कंडक्टरों का मानक 2.16 है यानि निगम को 30888 महिला व पुरुष कंडक्टरों की जरूरत है, जबकि अभी 26633 कंडक्टर कार्यरत हैं। वहीं, 4255 कंडक्टर मानक से कम हैं। परिवहन निगम अब कंडक्टरों की सीधी भर्ती करेगा। इसके लिए सभी 20 क्षेत्रों से विज्ञापन निकाले जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि निगम में 2019 तक सीधी भर्ती से कंडक्टर रखे जाते थे। आउटसोर्स पर कंडक्टर रखने का शासनादेश 23 सितंबर 2020 को जारी हुआ था। कोविड-19 की वजह से मई 2022 में पहली बार आउटसोर्स पर कंडक्टरों को रखा गया था, उसके बाद से निगम एजेंसियों के माध्यम से कंडक्टरों की नियुक्ति करता आ रहा है।
इन कंडक्टरों को 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान देने के निर्देश थे, निगम कंपनियों को भुगतान करता था, ऐसे में कंडक्टरों का शोषण भी हो रहा था। उन्हें कंपनियां जब चाहें निकाल दे रही थी।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने निगम से पहले की तरह कंडक्टर भर्ती की मांग की थी। निगम के एमडी पीएन सिंह ने 21 अप्रैल को विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा था। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया, निगम में महिलाओं की तरह पुरुष कंडक्टर अब सीधे भर्ती होंगे। भर्ती होने वाले कंडक्टरों को मानदेय भी अधिक मिलेगा, क्योंकि संविदा पर नियुक्त होने वालों का मूल्य आउटसोर्स कर्मचारियों से अधिक है।






