
मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
चिरमिरी बड़ा बाजार-बरतुंगा पहुंच मार्ग अवरुद्ध किए जाने के बाद क्षेत्रवासियों की परेशानी अब सड़क से निकलकर प्रशासनिक और विभागीय स्तर तक पहुंच गई है। आवागमन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल शुक्रवार को स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसईसीएल अधिकारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और रहवासियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्ग की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
5 किलोमीटर तक झाड़ियों और बदहाल रास्ते में पैदल निरीक्षण
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संभावित वैकल्पिक मार्ग की स्थिति देखने के लिए करीब 5 किलोमीटर तक झाड़ियों और अव्यवस्थित रास्ते में पैदल चलकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रास्ते की भौगोलिक स्थिति, आमजन की आवाजाही और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों को मौके पर देखा।
निरीक्षण के दौरान रहवासियों ने भी अपनी समस्याएं और आपत्तियां अधिकारियों के सामने रखीं। मंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि वैकल्पिक मार्ग केवल कागज पर नहीं, बल्कि ऐसा होना चाहिए जो वास्तव में लोगों के लिए सुरक्षित और सुगम साबित हो।
वैकल्पिक रास्ते को लेकर अधिकारियों और रहवासियों में नोकझोंक
निरीक्षण के दौरान संभावित वैकल्पिक मार्ग को लेकर रहवासियों और एसईसीएल अधिकारियों के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली। रहवासियों ने मार्ग से जुड़ी अपनी परेशानियां और आपत्तियां रखीं, जबकि एसईसीएल अधिकारियों ने विभागीय और व्यवहारिक पक्ष सामने रखा।
मंत्री की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बातें सुनी गईं और विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति से समाधान निकालने पर जोर दिया गया।
आज होगी संयुक्त बैठक, आमने-सामने होंगे सभी पक्ष
समस्या के समाधान के लिए शनिवार को एसईसीएल सब एरिया कार्यालय में एसईसीएल, राजस्व विभाग, वन विभाग और क्षेत्रवासियों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है। बैठक में वैकल्पिक मार्ग की व्यवहारिकता, वन एवं राजस्व संबंधी आवश्यकताओं तथा एसईसीएल से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में सहमति बनने की स्थिति में क्षेत्रवासियों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मंत्री बोले-जनता की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि क्षेत्रवासियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान केवल बैठकों और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर उतरकर वास्तविक स्थिति देखकर व्यावहारिक समाधान निकालना जरूरी है।
मंत्री के मौके पर पहुंचने और करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर स्थिति देखने के बाद अब लोगों की निगाहें आज होने वाली संयुक्त बैठक पर टिकी हैं। यदि बैठक में सहमति बनती है तो बड़ा बाजार-बरतुंगा क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से बनी आवागमन की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।






