
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में बच्चों को डिप्थीरिया (गलाघोंटू) और टिटनेस जैसी बीमारियों से बचाने के लिए चल रहा टीकाकरण अभियान 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह अभियान 3 से 7 अगस्त तक चलना था, लेकि बारिश और कांवड़ यात्रा के कारण बड़ी संख्या में पात्र बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं।
परिवार कल्याण की महानिदेशक डॉ. शुभा मिश्रा ने बताया कि छूटे हुए बच्चों के टीकाकरण के लिए अभियान की अवधि बढ़ाई गई है। सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों और मदरसों में पढ़ने वाले लक्षित आयु वर्ग के बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। इसमें 5-6 वर्ष के बच्चों को डीपीटी.-2 बूस्टर डोज, 10 वर्ष के बच्चों को टीडी-10 वैक्सीन तथा 16 वर्ष के बच्चों को टीडी-16 वैक्सीन दी जा रही है।
शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य
एनएचएम की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल का कहना है कि बच्चों को डिप्थीरिया और टिटनेस से सुरक्षा दिलाने के अभियान में शिथिलता नहीं की जा सकती है। बारिश की वजह से कई स्कूल बंद थे। जिससे टीकाकरण नहीं हो पाया है।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करें और पात्र बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं।
विस्तारित अवधि का अधिकतम उपयोग करते हुए छूटे हुए बच्चों और स्कूलों को चिन्हित कर शत-प्रतिशत लक्षित लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही स्कूल स्तर पर अभिभावकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय से जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है।






