उत्तर प्रदेश

‘माफिया-मच्छर’ से मेडिकल हब तक बदला पूर्वांचल, युवाओं को मिले रोजगार के नए अवसर

गोरखपुर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को अब पिछड़ेपन, बेरोजगारी या नशे से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, “हम अपने युवा को नशेड़ी नहीं कह सकते, अपने युवा के ऊपर कोई लांछन नहीं लगा सकते। अगर उसकी क्षमता का उपयोग पहले नहीं हो पाया तो कमी युवा में नहीं, उस सिस्टम में थी, जो उसकी प्रतिभा का उपयोग नहीं कर पा रहा था।”

गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में एक न्यूज चैनल के ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूर्वांचल के युवा के सामने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यम के अवसर हैं। सरकार ने युवाओं को मंच और अवसर उपलब्ध कराए तो उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को नई गति दी।

Related Articles

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर देश की सत्ता हासिल करने वाले लोगों के पास गांधी के सपनों को धरातल पर उतारने की फुर्सत नहीं थी

उन्होंने काशी का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी जी 1916 में काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे। वहां की संकरी गलियों और गंदगी को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम भव्य स्वरूप में सामने है।

योगी ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम जैसे धार्मिक स्थलों के विकास ने केवल आस्था को मजबूती नहीं दी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई दी है। पर्यटक टैक्सी, होटल, रेस्टोरेंट, फूल, बाजार और नाविकों से जुड़ी सेवाओं पर खर्च करता है। इससे समाज के विभिन्न वर्गों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को आस्था के साथ जोड़कर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम हुआ है। पूर्वांचल को पर्यटन के बेहतरीन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम हुआ है।

‘माफिया-मच्छर’ से मेडिकल हब तक पहुंचा पूर्वांचल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश कभी ‘माफिया और मच्छर’ की समस्या से जूझता था। माफिया जनता का खून चूसते थे और मच्छर बीमारी फैलाते थे। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों में इंसेफेलाइटिस की रोकथाम और उपचार के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। कांग्रेस के लंबे शासन और समाजवादी पार्टी की सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन दलों ने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ आवाज तक नहीं उठाई।

योगी ने कहा कि सांसद रहते उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार ने महज दो वर्ष में बीमारी के समाधान की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि आज यह क्षेत्र इंसेफेलाइटिस के साथ डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया और मलेरिया के खिलाफ भी प्रभावी लड़ाई लड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि कभी बीमार माने जाने वाला बीआरडी मेडिकल कॉलेज आज सुपर स्पेशियलिटी केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। गोरखपुर में एम्स की स्थापना हुई। इसके साथ ही पूर्वांचल और आसपास के जिलों में मेडिकल कॉलेजों की श्रृंखला खड़ी हुई है।

कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और संचालन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये केवल उपचार के केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं में जनता के विश्वास के प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल से माफिया तंत्र का खात्मा हुआ है। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को माफिया और मच्छर दोनों से मुक्त करने की दिशा में काम किया। इसका असर निवेश और रोजगार पर भी पड़ा है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ तक
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में पूर्वांचल में माफिया का प्रभाव निवेश और रोजगार में बाधा था। आज स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया, हमने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट दिया और वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दिया।”

उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में अकेले गोरखपुर में हुए निवेश से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। फर्टिलाइजर कारखाना, पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिल, कताई मिल तथा खजनी के कंबल कारखाने जैसे बंद उद्योगों के दोबारा शुरू होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और औद्योगिक माहौल के कारण अब दूसरे राज्यों के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश करने आ रहे हैं। पहले पूर्वांचल से मैनपावर के पलायन के कारण दूसरे राज्यों के उद्योगों को लाभ मिलता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से युवा बाहर जाना बंद कर रहे हैं।

गोरखपुर की 14 उड़ानों से तीन घंटे में लखनऊ
मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल की बदली कनेक्टिविटी को विकास की प्रमुख वजह बताया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर से लखनऊ की दूरी अब करीब तीन घंटे में तय हो रही है, जबकि पहले आठ घंटे लगते थे। वाराणसी की यात्रा भी पांच-छह घंटे के बजाय करीब ढाई घंटे में संभव हुई है।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर में करीब दस वर्ष पहले कभी-कभार एक फ्लाइट चलती थी, जबकि आज 14 उड़ानें संचालित हो रही हैं और सभी में अच्छी मांग है। बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के कारण निवेश का माहौल बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। पूर्वी उत्तर प्रदेश भी अब देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को कभी बीमारू और कमजोर अर्थव्यवस्था वाला क्षेत्र माना जाता था, लेकिन अब यह स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा जब विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड सभी क्षेत्रों का समान विकास जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं की प्रतिभा को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें अवसर और प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। अब यही युवा पूर्वी उत्तर प्रदेश को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button