मध्यप्रदेश

खबर का असर: 20 दिन बाद इमिलिया पंचायत पहुंची जांच टीम, शिकायतकर्ताओं को अंधेरे में रख हुई जांच, खानापूर्ति के आरोप

खबर का असर:   20 दिन बाद इमिलिया पंचायत पहुंची जांच टीम, शिकायतकर्ताओं को अंधेरे में रख हुई जांच, खानापूर्ति के आरोप

मुरैना
ग्राम पंचायत इमिलिया में विकास कार्यों में कथित करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत सामने आने और मीडिया में मामला प्रमुखता से प्रकाशित होने के करीब 20 दिन बाद जिला प्रशासन की जांच टीम गांव तो पहुंची, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूरी कार्रवाई उन्हें विश्वास में लिए बिना ही कर दी गई। इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

ग्राम निवासी अमर सिंह राठौर ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पंचायत में सड़क निर्माण, सीसी रोड, नाली, शांति धाम, सामुदायिक स्वच्छता परिसर और मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि कई निर्माण कार्य अधूरे हैं, कुछ कार्य धरातल पर हैं ही नहीं, जबकि उनके नाम पर सरकारी राशि का भुगतान किया जा चुका है। मनरेगा में फर्जी मस्टर रोल, जॉब कार्ड में हेरफेर और सरकारी राशि के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए गए थे।

Related Articles

शिकायत के बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) कमलेश भार्गव ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय सीमा निकलने के बाद भी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई। इसके बाद मामला मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। खबर के करीब 20 दिन बाद जांच टीम गांव पहुंची।

 
– शिकायतकर्ताओं को नहीं दी गई सूचना

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच दल ने गांव पहुंचने की सूचना तक नहीं दी। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष होती तो शिकायतकर्ता और ग्रामीणों की मौजूदगी में सभी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाता। आरोप है कि टीम ने सरपंच और सचिव के प्रतिनिधियों से चर्चा कर औपचारिकता पूरी की और बिना शिकायतकर्ताओं के बयान लिए वापस लौट गई।

– ग्रामीणों ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि जिस शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, उसी शिकायतकर्ता को प्रक्रिया से दूर रखना कई सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि यदि जांच इसी तरह होती रही तो वास्तविक स्थिति कभी सामने नहीं आएगी और दोषियों पर कार्रवाई भी नहीं होगी।

– सीईओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा

जिला पंचायत के सीईओ कमलेश भार्गव ने कहा कि शिकायत के सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय, तकनीकी या प्रशासनिक अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

-अब रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
इमिलिया पंचायत के मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच दल की रिपोर्ट में क्या सामने आता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई तो पंचायत में हुए विकास कार्यों की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन यदि केवल खानापूर्ति की गई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठेंगे। अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button