देश

‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या बर्खास्त हों’, CJP का सरकार को अल्टीमेटम, बातचीत फिर रही बेनतीजा

नई दिल्ली

दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रही कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना धरना खत्म नहीं होगी. सरकार को दो प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद सीजेपी के दो प्रवक्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रांक ने स्पष्ट किया कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले या फिर उनको बर्खास्त करे. उन्होंने कहा कि सरकार उनकी दो मांगों को मानने को तैयार है लेकिन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर शनिवार दोपहर तक फैसला लेने की बात कही है। 

बातचीत के बाद केंद्रीय जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार सीजेपी की दो मांगों पर मानने को तैयार है. सीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा तो धरने खत्म नहीं होंगे. यह आंदोलन पूरे देश में फैल चुका है. और यह और तेजी से आगे बढ़ सकता है। 

Related Articles

बातचीत विफल होने के बाद आंदोलन खत्म होने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है. आंदोलन के चेहरा रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बीती रात अनशन खत्म होने के बाद ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि अब सीजेपी के साथ बातचीत में कोई बीच का रास्ता निकला आएगा. लेकिन, सीजेपी के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। 

इस बीच उधर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा तब तक संसद की कार्यवाही नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं. इनमें सबसे प्रमुख मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है. उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा तब तक विपक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं होगा। 

इस्तीफे से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं- रांका
आशुतोष रांका ने आगे कहा, "हमने ये भी सरकार को बता दिया है कि इस बार का जो कॉल होगा वो 20 जुलाई से ज्यादा बड़ा होगा. हमने सरकार को समझा दिया. हमने लगता है कि वो समझ रहे हैं. हमने सरकार से कह दिया है कि वो मोदी जी को जाकर कह दें कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं है। 

अगली बार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ वापस आएंगे- रांका
जंतर मंतर पर मंच से आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारी छात्रों से पूछा कि आप धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिए बिना यहां से जाएंगे तो नहीं, इस पर छात्रों ने ना में जवाब दिया. रांका ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगली बार जब मीटिंग होगी तो हम धर्मेंद्र के इस्तीफे के साथ वापस आएंगे. उम्मीद कायम रखिए, डटे रहिए, संघर्ष करते हुए. हम आपको इतना बता सकते हैं कि जीत बहुत करीब है। 

क्या बोले जेपी नड्डा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार को सीजेपी द्वारा रखी गई मांगों पर विचार और चर्चा करने के लिए समय चाहिए होगा। उन्होंने कहा कि सीजेपी के साथ आगे भी बातचीत हो सकती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बातचीत बंद नहीं हुई है (कोई गतिरोध नहीं है)।

धर्मेंद्र प्रधान की मांग पर अड़िग CJP
बैठक के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कहा गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं होगा। हालांकि, केंद्र सरकार सीजेपी की दो मांगें तो मानने को तैयार हैं लेकिन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार को लेकर सरकार ने कल तक का समय मांगा है। अब देखना यह होगा कि क्या कल सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए तैयार होगी?

सीजेपी की चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से साफ कहा गया है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन और बड़ा होगा। सीजेपी की ओर से कहा गया कि सरकार द्वारा मांगें नहीं मानने पर पूरे देश में बड़ा आंदोलन होगा।

क्या हैं तीन बड़ी मांगें?

1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।

2. पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग।

3. प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों पर FIR दर्ज हुई, सभी को रद किया जाए।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button