
रायपुर
स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, अंबिकापुर (सरगुजा) और मुहिम फाउंडेशन फॉर पार्टिसिपेटरी एक्शन एंड ट्रांसफॉर्मेशन के बीच मंगलवार को एक गैर-आर्थिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता का विकास, 21वीं सदी के अनुरूप कौशलों का संवर्धन तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
एमओयू के तहत महाविद्यालय के विद्यार्थियों को नेतृत्व विकास, नवाचार, प्रभावी संवाद, सामाजिक समस्याओं के समाधान और सामाजिक उद्यमशीलता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों को अपने अकादमिक अध्ययन को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं और विकास कार्यों से जोड़ने का अवसर भी मिलेगा।
इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक कौशल को सशक्त बनाया जाएगा। छात्र नेतृत्व आधारित एक्शन रिसर्च प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनके माध्यम से स्थानीय समुदाय की समस्याओं का अध्ययन कर उनके व्यावहारिक समाधान विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा लीडरशिप वर्कशॉप, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम, नीति संवाद, संगोष्ठियों और सामुदायिक आउटरीच गतिविधियों के जरिए युवाओं में नेतृत्व, नागरिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाएगी। मेंटोरशिप एवं मार्गदर्शन के माध्यम से सामाजिक और उद्यमशील पहलों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। यह साझेदारी विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार करेगी।
स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, अंबिकापुर का यह प्रयास संस्थान की अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रिजवान उल्लाह, प्रोफेसर डॉ. एन मैरी खालको, डॉ. निलाभ कुमार, डॉ. सुशील कुमार तथा मुहिम फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश, आकृति और रोज उपस्थित रहे।






