
लंदन
मौजूदा चैम्पियन जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 के पुरुष सिंगल सेमीफाइनल में सात बार के चैम्पियन नोवाक जोकोविच को 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली. दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी सिनर ने पूरे मुकाबले में आक्रामक टेनिस खेली और 39 वर्षीय जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
फ्रेंच ओपन में दूसरे दौर में अप्रत्याशित हार के बाद सिनर की फिटनेस और फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन विंबलडन में उन्होंने उन सभी सवालों का जवाब अपने प्रदर्शन से दिया. मैच के बाद सिनर ने कहा कि उन्हें पता था कि जोकोविच जैसे खिलाड़ी के खिलाफ अपना स्तर और ऊंचा करना होगा और उन्होंने वही किया।
क्या नोवाक जोकोविच विंबलडन 2027 खेलेंगे?
जोकोविच के लिए यह रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम सिंगल खिताब की ओर बढ़ने का एक और मौका था, लेकिन वह इसे भुना नहीं सके. हालांकि मैच के बाद उन्होंने साफ किया कि वह अगले साल 40 वर्ष की उम्र में भी विंबलडन खेलने की कोशिश करेंगे. जोकोविच ने कहा कि जब तक वह पूरी तरह फिट रहते हैं, तब तक खुद को दुनिया के शीर्ष-5 खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा करने लायक मानते हैं।
सिनर ने जोकोविच से पुराना हिसाब किया पूरा
सिनर ने इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के सेमीफाइनल की हार का भी हिसाब बराबर कर लिया, जहां जोकोविच ने उन्हें पांच सेटों के रोमांचक मुकाबले में हराया था. जीत के बाद सिनर ने जोकोविच की तारीफ करते हुए कहा कि इस उम्र में भी उनका खेल सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
विंबलडन फाइनल 2026 में किसका होगा मुकाबला
अब रविवार को होने वाले फाइनल में सिनर का सामना दूसरी वरीयता प्राप्त एलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा. ज्वेरेव ने इससे पहले सेमीफाइनल में ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6 (7-0), 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई।
29 वर्षीय ज्वेरेव पिछले महीने रोलां गैरो(फ्रेंच ओपन) में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके हैं. अब उनके पास लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम का खिताब जीतने का मौका है. प्रोफेशनल दौर (1968 के बाद) में कोई खिलाड़ी अगर पहला ग्रैंड स्लैम जीतने के तुरंत बाद अगले ग्रैंड स्लैम का खिताब भी जीतता है तो वह एक दुर्लभ उपलब्धि होगी।
एलेक्जेंडर ज्वेरेव Vs जैनिक सिनर हेड टू हेड
वहीं आंकड़े ज्वेरेव के पक्ष में नहीं हैं. सिनर ने उनके खिलाफ लगातार नौ मुकाबले जीते हैं और पिछली 14 लगातार सेट भी अपने नाम किए हैं. फाइनल से पहले ज्वेरेव ने कहा कि उन्हें खुद पर भरोसा है और वह मानते हैं कि वह सिनर को हराने की क्षमता रखते हैं।
सेंटर कोर्ट पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में घरेलू दर्शकों का पूरा समर्थन आर्थर फेरी को मिला. ऑल इंग्लैंड क्लब से महज पांच मिनट की दूरी पर बड़े हुए और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले फेरी पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचे थे. अगर वह जीत जाते तो 2001 में गोरान इवानिसेविच के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बनते।
ज्वेरेव 1995 में बोरिस बेकर के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बने हैं. वहीं 1991 में माइकल स्टिच के बाद कोई भी जर्मन पुरुष खिलाड़ी यह खिताब नहीं जीत सका है. बेकर ने भी सोशल मीडिया पर ज्वेरेव को बधाई दी।
विंबलडन 2026 महिला फाइनल में किसका मुकाबला
शनिवार को महिला सिंगल फाइनल में दो चेक खिलाड़ियों कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा आमने-सामने होंगी, जबकि रविवार को पुरुष सिंगल फाइनल में मौजूदा चैम्पियन जैनिक सिनर और फ्रेंच ओपन विजेता एलेक्जेंडर ज्वेरेव के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।






