बिहार

सरकारी शिक्षकों को मनचाहे स्कूल में तबादले का मिलेगा ऑनलाइन आवेदन का अवसर

पटना
 बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए खुशी की खबर है। आज से ट्रांसफर पोर्टल खुल जाएगा।अगले सप्ताह शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। एक-दो दिनों में विद्यालयवार रिक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार हो जाएगा। रिक्तियों का अंतिम डाटा तैयार होने के बाद शिक्षकों से ऐच्छिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिये जायेंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि तबादले में शिक्षकों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

इसके लिए मानक मंडल के आधार पर रिक्तियों को सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जायेगा। रिक्तियों की अंतिम फीडिंग पूरी होने के बाद विभाग ट्रांसफर पोर्टल खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार 20 जुलाई के बीच शिक्षकों से ऐच्छिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिये जा सकते हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होने से तबादलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिक्तियों का सही आकलन होगा और शिक्षकों को अपनी पसंद के विद्यालयों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिलेगी।

इससे लंबे समय से लंबित तबादला प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में 11 जुलाई को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीइओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) (डीपीओ) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके बाद विभाग ने 15 जुलाई तक चरणबद्ध तरीके से आठ-आठ जिलों के डीपीओ (स्थापना) को मुख्यालय बुलाने की भी तैयारी की है।

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सारा ट्रांसफर पोर्टल के माध्यम से होगा। कहीं किसी को भागने की जरूरत नहीं है। सभी सम्मानित शिक्षकों को सुविधा के अनुसार तबादले का मौका दिया जाएगा। गुरुजी ऑनलाइन तरीके से मनचाहे स्कूल में ई-शिक्षा कोष के माध्यम से आवेदन करेंगे। ट्रांसफर की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

बिहार में नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से सरकारी टीचर का दर्जा दिया गया। बीपीएससी के माध्यम से भी भारी संख्या में बहाली हुई। परीक्षा लेकर स्कूलों में हेड टीचर और हेडमास्टर की भर्ती की गयी। पोस्टिंग में बड़ी संख्या में शिक्षक दूर चले गए। सरकार उन्हें अपने इलाके में लौटने का मौका दे रही है। लंबे समय से इनके ट्रांसफर की मांग की जा रही थी। पहले चरण में गंभीर बीमारी, दिव्यांगता के आधार पर ट्रांसफर की बात कही जा रही है। आपसी स्थानांतरण पर भी जोर दिया गया है। पति-पत्नी की नौकरी, घर से दूरी, परिवार की जिम्मेदारी जैसे कारणों के आधार पर तबादले में प्राथमिकता दी जाएगी।

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