उत्तर प्रदेश

​जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराएं, फंड की कोई कमी नहीं: मुख्यमंत्री

​वाराणसी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

​वाराणसी में गतिमान निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा कराने का हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने गंगा नदी में नावों के सुचारु संचालन के संबंध में नाविकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय स्तर पर नगर निगम के माध्यम से छोटी नावों का पंजीकरण कराकर उन्हें लाइफ जैकेट आदि आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने को कहा। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के संबंध में उन्होंने अवशेष भवनों का नियमानुसार मुआवजा वितरित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शीघ्रता से कराने के निर्देश दिए।

​जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का साथ-ही-साथ मरम्मत कार्य भी अवश्य कराया जाए। इसमें कहीं से भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बन रहे रोप-वे की प्रगति की जानकारी लेते हुए उसे तय समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि अगस्त माह तक रोप-वे का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।

​शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने और उनकी ठीक से मरम्मत न होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि संबंधित कार्य से पहले अंतर्विभागीय बैठकें अवश्य कर ली जाएं, ताकि संबंधित विभाग सड़कों की मरम्मत का कार्य समय से करा सके। उन्होंने ऐसी सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।

​बैठक के दौरान वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप 'आनंद काशी', 'रुद्र काशी' और 'काशी स्पोर्ट्स सिटी' की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने समस्त आवश्यक कार्यवाहियों को समय से पूरा करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने शहर में पेयजल एवं सीवर पाइपलाइन बिछाने के दौरान रोड कटिंग के रेस्टोरेशन कार्यों को साथ-ही-साथ कराने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्माणाधीन यूनिटी मॉल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

​मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाअभियान की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉर्डर एरिया में पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरतने, पेट्रोलिंग बढ़ाने और प्रत्येक 6 माह में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन आदि माध्यमों से प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का मेरिट के आधार पर त्वरित निस्तारण करने को कहा।

​जिले की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तय समय में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रावण मास की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों को दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए जनता की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगामी श्रावण मास के दौरान मैदागिन से गोदौलिया तक की जाने वाली बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को समस्या न होने देने तथा उक्त मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

​बैठक में श्रावण मास के दौरान प्रशासन तथा पुलिस विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम द्वारा काशी विश्वनाथ धाम तथा वाराणसी परिक्षेत्र में स्थित विभिन्न शिवालयों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करके कार्य करें। परिवहन व रेलवे के साथ भी बेहतर तालमेल हो ताकि भीड़ नियंत्रण व श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा मिल सके। श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पेयजल, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और निःशुल्क लॉकर आदि सुलभ कराए जाएं।

​मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग करने, सीसीटीवी से लगातार मॉनिटरिंग करने समेत जल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदागिन से गोदौलिया के बीच बैरिकेड्स को दुरुस्त करने को कहा ताकि किसी भी श्रद्धालु को चोट न लगे, साथ ही जर्जर भवनों के पास बैरिकेड्स लगाने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में पूरे महीने भीड़ रहेगी, जिसके दृष्टिगत बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर बदली जाए ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। होटल, रेस्तरां तथा बस स्टैंडों पर मनमाना शुल्क न वसूला जाए, इस पर भी लगातार नजर रखने की जरूरत है।

​जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया कि वर्ष 2014 से अब तक कुल 36,210 करोड़ रुपये की लागत के 536 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की 191 परियोजनाएं गतिमान हैं। उन्होंने जिले के सभी लाइव प्रोजेक्ट्स को एक-एक करके मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।

​समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने वाराणसी कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था समेत आगामी श्रावण मास के दौरान पुलिस विभाग की तैयारियों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी नौ जिलों में पुलिस कार्रवाई समेत गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी और 'ऑपरेशन वज्रपात' के दौरान की गई कार्रवाइयों का विवरण दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने और बेहतर कार्य करने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, जनता से उचित व्यवहार करने, सदैव सजग रहने तथा बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

​बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, पूर्वांचल विद्युत वितरण के एमडी शंभू कुमार, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार, डीएफओ श्रीमती निधि चौहान सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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