
रायपुर.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। इसी क्रम में 1 मई से 10 जून 2026 तक सरगुजा जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर टीबी की समय पर पहचान, उपचार और जनजागरूकता पर व्यापक अभियान चलाया गया।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित 42 विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 5,890 लोगों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 30 व्यक्तियों में टीबी की पुष्टि हुई। वहीं 538 बलगम (स्पुटम) जांच में 23 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए। अभियान के दौरान कुल 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका तत्काल उपचार प्रारंभ कराया गया, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सफलता मिली। अभियान के दौरान संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलोअप की प्रभावी मॉनिटरिंग की गई। साथ ही निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उपचाररत मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
जिले की 40 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने निक्षय मित्र के रूप में सहभागिता निभाते हुए उपचाररत 38 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए, जिससे उपचार अवधि में उन्हें आवश्यक पोषण सहयोग मिल सके। टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं सचिवों को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से अन्य ग्राम पंचायतों को भी टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या टीबी के अन्य लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच, नियमित उपचार और जनसहभागिता से टीबी मुक्त सरगुजा तथा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जा सकता है।






