बिहार

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पर जोर

रांची
 राज्य के जल स्रोतों की स्वच्छता और शुद्धता के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से यह राशि प्रतिवर्ष मानसून के समय राज्यों को दी जाती है। इसमें जलस्रोतों के पास रसायनों के छिड़काव, उनका साफ सफाई के अलावा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

इस राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ दवाइयां भी रखी जाएंगी। केंद्रीय सहायता मिलते ही जिलों में इसका आवंटन कर दिया जाएगा। जल सहिया को गुणवत्तापूर्ण जल जांच किट भी मुहैया कराए जाएंगे।

जल जीवन मिशन पार्ट- 2 में भी जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए विशेष खर्च का प्रविधान किया गया है। हालांकि यह राशि पूर्व से चली आ रही सहायता के तहत दी जाएगी। राज्य में बरसात के मौसम में दूषित जल का सेवन करने से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।

खराब पड़े हैंडपंप का मरम्मत का काम पूरा
पेयजल स्वच्छता विभाग ने करीब 18 हजार खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल मिलने में आसानी हुई है। हैंडपंप और सोलर आधारित सामुदायिक पंप से ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत तक पेयजल की आपूर्ति इस साल की गई है।

स्वच्छता के लिए मिलने वाली राशि से सामुदायिक जलापूर्ति योजना के आसपास काम कराया जाएगा। इस राशि को खर्च करने की ज्यादातर जिम्मेदारी जल सहिया के पास होती है। अक्टूबर से जल जीवन मिशन पार्ट-2 के तहत स्वच्छता उपायों पर ज्यादा राशि खर्च की जा सकेगी। इसमें स्वच्छता के लिए तकनीकी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है।

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